Top
Breaking News
Home > राज्य > कर्नाटक > बैंगलोर > कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का ऐलान, कुमार स्वामी हलकान, बचाएगा कौन?

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का ऐलान, कुमार स्वामी हलकान, बचाएगा कौन?

बेंगलुरु क्षेत्र से आने वाले चार विधायक- एसटी सोमशेखर, बी बासवराजू, एन मुनिरत्ना और रामलिंगा रेड्डी सबसे अहम माने जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि परमेश्वरा से उनके निजी विरोध को सुलझाया जा सकता है.

 Special Coverage News |  22 July 2019 6:40 AM GMT  |  बेंगलुरु

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का ऐलान, कुमार स्वामी हलकान, बचाएगा कौन?

कर्नाटक के स्पीकर केआर रमेश कुमार का कहना है कि वह सदन को स्थगित नहीं करेंगे. सरकार से विश्वास मत को पूरा करने के लिए कहते हैं. उन्होंने कहा कि वह देर रात तक बैठेंगे लेकिन कार्यवाही खत्म होनी चाहिए. अब आगे नहीं ले जायेंगे कार्यवाही को. आज सरकार को विश्वास मत हासिल करना ही पड़ेगा.

कर्नाटक में पिछले 20 दिन से सियासी नाटक का आज क्लाइमेक्स हो सकता है. आज कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार के मुखिया यानी मुख्यमंत्री कुमारस्वामी विधानसभा में बहुमत साबित करने वाले हैं. स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कुमारस्वामी-सिद्धारमैया को फ्लोर टेस्ट के लिए शाम 6 बजे तक का वक्त दिया है.

कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायक दे चुके हैं इस्तीफा

बहुमत साबित करने के लिए कुमारस्वामी सरकार को 105 वोटों की जरूरत

विधानसभा स्पीकर ने बागी विधायकों को दिया कल पेश होने का आदेश

दरअसल, कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों के इस्तीफे के बाद कुमारस्वामी सरकार मुसीबत में हैं. कांग्रेस के इन विधायकों के इस्तीफे के पीछे उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को कथित रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि ये सभी विधायक डिप्टी सीएम से खुश नहीं हैं. बागी विधायकों में बेंगलुरु क्षेत्र से आने वाले चार विधायक- एसटी सोमशेखर, बी बासवराजू, एन मुनिरत्ना और रामलिंगा रेड्डी सबसे अहम माने जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि परमेश्वर से उनके निजी विरोध को सुलझाया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो ये चार बागी विधायक बीजेपी की मदद करने से पीछे हट सकते हैं.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इन चार विधायकों को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार से कोई दिक्कत नहीं है. परमेश्वरा से निजी खुन्नस के चलते इन्होंने इस्तीफा देने का कदम उठाया. ऐसे में इस बात के आसार हैं कि अगर डिप्टी सीएम परमेश्वरा इन चार विधायकों से बैठकर आपस में मामला सुलझा लेते हैं, तो उनका इस्तीफा शायद विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा मंजूर करने की नौबत ही न आए. बता दें कि ये सभी विधायक कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया के करीबी हैं.

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, विधायकों के पालाबदल की कोशिश से जुड़े एक बीजेपी नेता का कहना है कि बेंगलुरु के बागी कांग्रेस विधायकों और बीजेपी के बीच भरोसे की कमी हो सकती है, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि परमेश्वर से उनकी निजी खुन्नस उससे ज्यादा है जितनी बताई जा रही है. ऐसे में हमें इसका फायदा मिल सकता है.

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story

नवीनतम

Share it