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खुशखबरी: बच्चों को यौन उत्पीड़न से सतर्क करने के लिए आईआईटी कानपुर ने बनाई ये किट

यदि यह सफल रहा तो बच्चों के यौन उत्पीरण की घटनाओं में काफी कमी आएगी और अभिवावकों को भी इस तरह की घटनाओं से निजात मिल जाएगी.

 Special Coverage News |  19 Aug 2019 2:45 AM GMT  |  दिल्ली

खुशखबरी:  बच्चों को यौन उत्पीड़न से सतर्क करने के लिए आईआईटी कानपुर ने बनाई ये किट
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बच्चों के यौन उत्पीरण की घटना में वृद्धि को देखते हुए आईआईटी कानपुर के छात्रों ने एक कीट का निर्माण किया है जो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बच्चों को सतर्क करेगा.आठ से 12 साल तक के बच्चों में यौन दुर्व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह किट तैयार की गई है.

आईआईटी कानपुर ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के साथ मिलकर बच्चों के बीच यौन दुर्व्यवहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक किट विकसित की है. इस किट के जरिए बच्चों को निजी सुरक्षा, खुद का सम्मान करने और अपराध बोध जैसी स्थितियों से बाहर निकलने के बारे में बताया जाएगा.

एनसीपीसीआर की 38वीं बैठक के ब्यौरे के मुताबिक यौन उत्पीड़न के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बच्चों के बीच संवाद आधारित कार्यशाला में शिक्षक या एनजीओ इस किट का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह किट कार्ड, पोस्टर, छोटी-छोटी एनिमेशन क्लिप और गेम्स आदि का संग्रह है.

बाल आयोग ने बताया है कि बच्चों के बीच शारीरिक और मनोवैज्ञानिक शोध पर आधारित किट की सामग्री के माध्यम से बच्चों को जागरूक बनाया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य अबोध बच्चों को यौन उत्पीड़न को लेकर सावधान और सजग बनाना है ताकि समय रहते वे स्वयं को इससे बचा सकें. इस ब्यौरे के मुताबिक यह किट बच्चों को यौन दुर्व्यवहार के मसले पर अपने संगी-साथियों से बातचीत के लिए भी प्रेरित करेगी और उनमें यह समझ बढाएगी कि ऐसी किसी घटना पर वे बोल सकते हैं.

यह किट आठ साल से 12 साल उम्र के बच्चों के लिए बनाई गई है और 30-35 छात्रों के समूह की कक्षा में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें अध्यापक और कार्यशाला आयोजित करने वालों के लिए निर्देश, पठन सामग्री और वीडियो सामग्री है. फिलहाल केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान रांची के मनोविज्ञानी किट की जांच कर रहे हैं और उनके सुझाव के आधार पर इसमें संशोधन भी किए जाएंगे.

यदि यह सफल रहा तो बच्चों के यौन उत्पीरण की घटनाओं में काफी कमी आएगी और अभिवावकों को भी इस तरह की घटनाओं से निजात मिल जाएगी.

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