Top
Home > राज्य > महाराष्ट्र > मुम्बई > NIA कोर्ट में सुनवाई के बाद बोलीं प्रज्ञा, ...इससे तो अच्छा है मुझे फांसी पर चढ़ा दें

NIA कोर्ट में सुनवाई के बाद बोलीं प्रज्ञा, ...इससे तो अच्छा है मुझे फांसी पर चढ़ा दें

आज की सुनवाई पूरी होने के बाद जब जज उठ कर चले गए, तब कोर्ट रूम में ही साध्वी नाराज हो गई और अपने वकील को बुलाकर बताया कि ये क्या तरीका है.

 Special Coverage News |  7 Jun 2019 1:21 PM GMT  |  दिल्ली

NIA कोर्ट में सुनवाई के बाद बोलीं प्रज्ञा, ...इससे तो अच्छा है मुझे फांसी पर चढ़ा दें
x

मुंबई : मालेगांव बम धमाके की आरोपी और बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर शुक्रवार को मुंबई के एनआईए कोर्ट में पेश हुईं. इस दौरान एनआईए कोर्ट के जज ने साध्वी समेत उपस्थित सभी आरोपियों से सवाल पूछा कि क्या आप बता सकते हैं अब तक कितने गवाहों की गवाही हुई है? इस पर प्रज्ञा ने जवाब दिया कि मुझे नहीं पता. जज ने दूसरा सवाल पूछा, अब तक गवाहों के बयान है कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में धमाका हुआ था. मैं ये नहीं पूछ रहा हूं कि किसने किया. मैं ये सिर्फ ये जानना चाहता हूं आपका क्या कहना है? इस पर फिर प्रज्ञा साध्वी ने जवाब दिया कि मुझे नहीं पता.

इसके बाद दोपहर में लंच ब्रेक के बाद फिर से अदालत की कार्रवाई शुरू हुई. जज ने साध्वी प्रज्ञा से पूछा- आपको बैठना है या खड़ा रहना है? तो साध्वी ने कहा- कभी खड़ा रहना और कभी बैठना. आप इजाजत दे तो मैं एक तरफ खड़ी रह सकती हूं. इसके बाद जज ने पीछे आरोपियों के कटघरे की तरफ इशारा किया तो साध्वी ने कहा- पीछे से मुझे सुनाई नहीं देता है. आरोपी समीर कुलकर्णी के कहा- जी हां, सुनाई पड़ रही है. उसके बाद जज ने खिड़की तरफ एक कुर्सी लगाने को कहा. कुर्सी लगाई गई, लेकिन साध्वी प्रज्ञा ठाकुर कुर्सी पर बैठी नहीं.

मालेगांव बम धमाके मामले में आज की सुनवाई खत्म हो गई है. साध्वी प्रज्ञा सिंह कोर्ट से निकली. अब सोमवार को भी सुनवाई जारी रहेगी. अगले सप्ताह भी किसी एक दिन साध्वी को कोर्ट में हाजिर रहना होगा. सोमवार से गवाहों का क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू होगा.

आज की सुनवाई पूरी होने के बाद जब जज उठ कर चले गए, तब कोर्ट रूम में ही साध्वी नाराज हो गई और अपने वकील को बुलाकर बताया कि ये क्या तरीका है. बुलाते हैं लेकिन ना तो ठीक से बैठने की जगह है ना खड़े रहने की. मेरी कंडीशन क्या है उन्हें पता नहीं है. बैठने के लिए ऐसी कुर्सी दे दी. कटघरे में बेंच है. क्या मैं इस पर बैठ सकती हूं? बुलाते हैं तो कम से कम बैठने की जगह तो दें. इससे तो अच्छा है मुझे फांसी पर चढ़ा दें.

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर को गुरुवार को भी कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह पहुंच नहीं सकी थीं. इस हफ्ते यह दूसरा मौका था, जब वह कोर्ट में पहुंच नहीं सकीं. उनके वकील प्रशांत मागू ने गुरुवार को कोर्ट से कहा था कि वह हाई ब्लड प्रेशर से परेशान हैं और सफर नहीं कर सकतीं. हालांकि, अदालत ने उन्हें एक दिन की मोहलत देते हुए शुक्रवार को पेश होने के लिए निर्देश दिया था, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार होने को कहा था.

गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को भोपाल लोकसभा सीट पर हराया था. प्रज्ञा ठाकुर 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं.

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर, Telegram पर फॉलो करे...
Next Story
Share it