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शिवसेना की दो टूक, 'चाहें तो अपने दम पर बना सकते हैं सरकार, शिवसेना का ही बनेगा सीएम'

गुरुवार को एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने गए थे संजय राउत, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

 Special Coverage News |  1 Nov 2019 5:41 AM GMT  |  दिल्ली

शिवसेना की दो टूक, चाहें तो अपने दम पर बना सकते हैं सरकार, शिवसेना का ही बनेगा सीएम
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मुंबई : महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर जारी बीजेपी और शिवसेना की तल्‍खी और बढ़ती जा रही है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि अगर शिवसेना चाहे तो अपने दम पर राज्‍य में सरकार बना सकती है। राउत का कहना है कि अगर शिवसेना फैसला करती है तो उसे स्थिर सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या मिल जाएगी। जनता ने 50-50 फॉर्म्युले के आधार पर सरकार बनाने का जनादेश दिया है। जनता शिवसेना का सीएम चाहती है, लिखकर रख लीजिए शिवसेना का ही सीएम होगा। बता दें कि गुरुवार को संजय राउत एनसीपी चीफ शरद पवार से भी मुलाकात करने गए थे। तब से राज्‍य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

इससे पहले संजय राउत ने अपरोक्ष रूप से बीजेपी और निवर्तमान मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्‍होंने लिखा, 'साहिब, मत पालिए अहंकार को इतना, वक्‍त के सागर में कई सिकंदर डूब गए।'चर्चा है कि शिवसेना सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन ले सकती है।



सीएम पद को लेकर अड़े हैं उद्धव ठाकरे

दूसरी ओर, शिवसेना का मुख्‍यमंत्री बनाए जाने को लेकर पार्टी अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे के तेवर भी कड़े बने हुए हैं। गुरुवार को सेना भवन में पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा, 'मुख्‍यमंत्री पद पाना शिवसेना का सपना है। मैं एक राजनीतिक दल चलाता हूं और मेरी इच्‍छा है कि शिवसेना का सीएम होना चाहिए। इसमें गलत क्‍या है। यह मेरा आग्रह है और इसे मैं आप सबकी मदद से पूरा करूंगा। मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर कोई हमेशा के लिए नहीं बैठ सकता।'

सरकार बनाने के लिए बन रहे ये समीकरण

अगर जरूरत पड़ी तो क्या कांग्रेस महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे सकती है? यह सवाल चर्चा में है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अव्वल तो इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि शिवसेना और बीजेपी एक ही जहाज के दो पंछी हैं। दोनों चाहे जितनी लंबी उड़ान भर लें, लेकिन मौजूदा संख्या बल को देखते हुए उन्हें लौटकर जहाज पर ही आना होगा। शिवसेना-बीजेपी के बीच खींचतान के बाद कांग्रेस के नेता शिवसेना के सरकार बनाने की संभावना टटोलने लगे हैं। सत्ता के लिए पार्टियों के संख्या बल से कैसे समीकरण बन रहे हैं, जानते हैं -

शिवसेना+कांग्रेस+ एनसीपी= सरकार संभव

अगर एनसीपी भी शिवसेना और कांग्रेस के साथ आ जाए, तो शिवसेना और उसके निर्दलीय समर्थकों के 63, कांग्रेस के 44 और एनसीपी के 54 विधायकों को मिलाकर संख्याबल 161 होता है, जो सामान्य बहुमत से 16 विधायक ज्यादा है। इस स्थिति में राज्य में गैर बीजेपी सरकार की स्थापना संभव है। अगर एनसीपी 2014 की तरह बीजेपी की अल्पमत सरकार को प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन करती है, तो बीजेपी की सरकार बनना भी संभव है। अगर एनसीपी विश्वास मत के दौरान विधानसभा सदन से अनुपस्थित भी रही, तो सदन की सदस्य संख्या घटने के कारण बीजेपी की अल्पमत सरकार बनी रह सकती है।

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