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महाराष्ट्र में सीएम पद की खींचतान उधर कांग्रेस नेताओं ने की शरद पवार से मुलाकात, बीजेपी शिवसेना के कान हुए खड़े!

 Special Coverage News |  31 Oct 2019 11:55 AM GMT  |  महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में सीएम पद की खींचतान उधर कांग्रेस नेताओं ने की शरद पवार से मुलाकात, बीजेपी शिवसेना के कान हुए खड़े!
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मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) के 10 दिन बाद भी शिवसेना और भाजपा में सरकार में सत्ता बंटवारे को लेकर खींचतान जारी रहने के बीच महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को राकांपा (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) से मुलाकात की है. सूत्रों ने बताया कि यहां पवार के आवास आने वालों में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट (Balasaheb Thorat) और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण (Ashok Shankarrao Chavan) एवं पृथ्वीराज चव्हाण (Prithviraj Chavan) शामिल थे.

79 वर्षीय पवार ने विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया. सूत्रों का कहना है कि बैठक वर्तमान राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर गठबंधन साझेदारों (NCP और कांग्रेस) की रणनीति पर चर्चा करने के लिए थी. हालांकि थोराट ने मीडिया से कहा कि नेताओं ने वापस जाते मानसूनी वर्षा से राज्य के विभिन्न हिस्सों में फसलों को हुए नुकसान पर चर्चा की.

50-50 का फार्मूला लागू करने की मांग

भाजपा-शिवसेना को हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा में स्पष्ट बहुमत मिला है, लेकिन दोनों पार्टियां अभी तक सरकार नहीं बना पाई हैं. शिवसेना, मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 का फार्मूला लागू करने की मांग कर रही है. बता दें कि भाजपा 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है जबकि शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं. राकांपा और कांग्रेस ने क्रमश: 54 और 44 सीटें जीती हैं.

शरद पवार, शिवसेना और बीजेपी दोनों दलों के नेताओं के संपर्क में

सूत्रों की मानें तो शरद पवार, शिवसेना और बीजेपी दोनों दलों के नेताओं के संपर्क में हैं और फिलहाल बीजेपी के साथ जाने में उन्हें फायदा दिख रहा है. पवार के करीबी सूत्रों का दावा है कि अगर बीजेपी-शिवसेना में अगले दो-तीन दिन में सहमति नहीं बनती है तो पवार अपने पत्ते खोल देंगे.

एनसीपी के एक धड़े ‌का मामना है कि बीजेपी के साथ जाने से पार्टी विश्वास मत में अनुपस्थित रहकर भी बीजेपी सरकार की मदद कर सकती है. ऐसे में केंद्र सरकार में पार्टी की सरकार विरोधी छवि पर असर भी नहीं पड़ेगा और पार्टी अपने कई मुद्दों को लेकर बारगेन भी कर सकती है.

बीजेपी के पास नौ नवंबर तक का वक्त

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बीजेपी के पास नौ नवंबर तक का वक्त है. ऐसे में पार्टी किसी तरह की जल्दबाजी दिखाने के मूड में नहीं है, सरकार के शपथ ग्रहण करने के बाद भी राज्यपाल बहुमत साबित करने के लिए 30 दिन तक का समय दे सकते हैं. इस तरह देखें तो बीजेपी के पास बहुमत का जुगाड़ करने के लिए करीब 40 दिन का समय है.

राज्यपाल अगर समय में कटौती कर उसे 25 दिन कर देते हैं और सरकार पांच नवंबर तक शपथ ग्रहण करती है तब भी बहुमत के लिए 20 दिन का समय सरकार के पास है. ऐसे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एनसीपी से किसी तरह की मदद लेने से पहले शिवसेना से पूरी तरह मोलभाव कर लेना चाहते हैं.


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