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महाराष्ट्र में भजपा की सरकार बनाने-गिराने में अब खास हुए ये 29 विधायक

 Special Coverage News |  24 Nov 2019 4:29 AM GMT  |  मुंबई

महाराष्ट्र में भजपा की सरकार बनाने-गिराने में अब खास हुए ये 29 विधायक
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मुंबई. महाराष्ट्र में सरकार गठन के बाद अब बीजेपी के सामने फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने की चुनौती होगी. शनिवार की सुबह जिस तरह से महाराष्ट्र की राजनीति में उलटफेर हुआ, उसके बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले के खिलाफ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं. इस याचिका में बीजेपी सरकार को बर्खास्त करने या फिर 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई है. महाराष्ट्र में बदले समीकरण के बीच सभी बड़ी पार्टियों की नजर अब छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों पर टिकी हुई है. फ्लोर टेस्ट की स्थिति में महाराष्ट्र के इन 29 विधायकों की भूमिका काफी अहम होगी.

देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा के 105, राकांपा के 54 और 11 निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दावे के साथ शनिवार सुबह सीएम पद की शपथ ली थी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिवसेना ने दावा किया है कि उसे सात निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों का समर्थन हासिल है. महाराष्ट्र की बदली राजनीति में सभी दलों के लिए जरूरी हो गया है कि वह निर्दलीय विधायकों को अपने साथ रखें. पार्टी नेताओं को पता है कि अगले कुछ दिन ऐसे होंगे जहां विधायकों को हर तरफ से रोकने की कोशिश की जाएगी. निर्दलीय विधायक भले ही कम संख्या में हों, लेकिन इस वक्त वह किसी की भी सत्ता बना और गिरा सकते हैं.

भाजपा के एक नेता ने कहा कि इस बार का फ्लोर टेस्ट ऐसा होगा कि एक नंबर भी महत्वपूर्ण होगा. बीजेपी की बागी गीता जैन, जिन्होंने पार्टी से टिकट न मिलने पर मीरा-भयंदर सीट से एक निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. निर्दलीय विधायक गीता जैन ने कहा कि वह बीजेपी को समर्थन देना जारी रखेंगी. उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही बीजेपी को समर्थन दिया है और मैं अपना रुख कभी नहीं बदलूंगी क्योंकि हमेशा से ही मैं बीजेपी कार्यकर्ता रही हूं.

इसी तरह प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो विधायकों ने शिवसेना को समर्थन देने का वादा किया है. अचलपुर विधानसभा क्षेत्र के बच्चू कडू और मेलघाट विधानसभा क्षेत्र के राजकुमार पटेल ने पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर उन्हें अपना समर्थन पत्र सौंप दिया था. अब जब महराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो चुका है उसके बाद भी उन्होंने अपना समर्थन शिवसेना के साथ जारी रखने का फैसला किया है. इस बीच, एकमात्र पार्टी जो राज्य में राजनीतिक रस्साकशी में किसी भी विचार का समर्थन नहीं कर रही है, वह असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाला एआईएमआईएम है. दो विधायकों के साथ, एआईएमआईएम विपक्ष में बैठेगी. एआईएमआईएम के विधायक न कांग्रेस-एनसीपी-सेना के साथ जाएंगे और न ही फ्लोर टेस्ट में बीजेपी का साथ देंगे. पूर्व एमआईएम विधायक वारिस पठान ने कहा, हमारे अध्यक्ष (ओवैसी) ने स्पष्ट कर दिया है कि हम विपक्ष में बैठेंगे.

पार्टी सीटें

भारतीय जनता पार्टी 105

शिवसेना 56

कांग्रेस 44

एनसीपी 54

एआईएमआईएम 02

बहुजन विकास आघाडी 03

सीपीआई (एम) 01

निर्दलीय 13

जन सुराज्य शक्ति 01

क्रांतिकारी शेतकारी पार्टी 01

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 01

पीडब्ल्यूपीआई 01

प्राहर जनशक्ति पार्टी 02

राष्ट्रीय समाज पक्ष 01

समाजवादी पार्टी 02

स्वाभिमानी पक्ष 01

कुल 288

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