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गांजे के धंधे से जुड़े इन मामलों में मीडिया ने क्या किया

गांजे के धंधे से जुड़े इन मामलों में मीडिया ने क्या किया
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संजय कुमार सिंह

आज की एक बड़ी खबर है कि नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अभिनेत्री भारती सिंह को साढ़े 86 ग्राम गांजा बरामद होने के मामले में गिरफ्तार किया है। निश्चित रूप से यह दूसरी गिरफ्तारियों के क्रम में है और गांजे के कारोबार के जड़ तक पहुंचने के लिए है। अखबारों में कल अपने ढंग से खबर छपेगी। पर इस मामले में तथ्य यह भी है कि सिर्फ एक अखबार, दैनिक हिन्दुस्तान में हिन्दी पट्टी की ये पांच खबरें हैं जो 13-14 सितंबर की हैं। इनमें नेपाल से कनेक्शन से लेकर राज्यों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के मामले हैं और एनसीबी ने नहीं पकड़े हैं।

जाहिर है, इनकी सूचना एनसीबी को होगी और ये मामले की जड़ तक पहुंचने के बड़े और महत्वपूर्ण सुराग हो सकते हैं। अंतिम उपयोगकर्ता से कारोबारी-अपराधी तक पहुंचना कितना मुश्किल या आसान है उसे छोड़ भी दिया जाए तो इन बड़े मामलों का फॉलो अप तो मीडिया को भी करना चाहिए। क्या कोई अखबार करेगा? कोई स्वतंत्र पत्रकार भले इसपर अच्छा विवरण दे या वीडियो बनाए पर मुख्य धारा की मीडिया में क्या कुछ नहीं चरना चाहिए।

1. थाना प्रभारी पुरानी बस्ती अवधेश राज सिंह ने बताया कि सोमवार को सुगर मिल मोड के पास से आरोपी विपिन कुमार चौधरी निवासी लखनौरा थाना पुरानी बस्ती को 540 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया। रेलवे स्टेशन रोड से आरोपी निसार अहमद निवासी दक्षिण दरवाजा थाना पुरानी को 560 ग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया है। वहीं नारंग रोड घरसोहिया के पास से अभियुक्त दद्दन चौबे निवासी पचौरा थाना पुरानी बस्ती को तमंचा 12 बोर व दो अदद जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। (हिन्दुस्तान, बस्ती, 14 सितंबर 2020)

2. नारायणपुर प्रखंड के बीरबन्ना चौक पर भवानीपुर पुलिस ने वाहन चेंकिग के दौरान एक कार से 93 किलो गांजा बरामद किया और तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। नवगछिया एसडीपीओ दिलीप कुमार ने भवानीपुर थाना परिसर में बताया कि बंगाल की ओर से आ रही कार को रोकने की कोशिश की गयी तो चालक गाड़ी भगाने लगा। कार की जांच की गयी तो 93 किलो गांजा बरामद किया गया और तस्करों को पकड़ लिया गया। आरोपी उत्तरप्रदेश के देवरिया के हरिनंदन उपाध्याय, पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के सुजीत राय व अलीपुरद्वार के ओखल दास हैं। (हिन्दुस्तान, भागलपुर, 14 सितंबर 2020)

3. सुरक्षाकर्मियों ने 26 हजार रुपये के गांजे के साथ एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक साइकिल भी बरामद की गई है। यह कार्रवाई मधवापुर एसएसबी ने की। उसने जब्त सामान और पकड़े गए आरोपी को मधवापुर पुलिस के हवाले कर दिया। मामला इंडो नेपाल बॉर्डर पिलर नंबर, 297/57 से करीब दो किलोमीटर भारतीय क्षेत्र की ओर का है। आरोपी का नाम रामसागर पाण्डेय है। उसका घर मधवापुर थाना क्षेत्र के एकारी गांव में है। वह नेपाल की ओर से गांजा लेकर साइकिल से जा रहा था। (हिन्दुस्तान, मधुबनी, 14 सितंबर 2020)

4. ईओयू की टीम ने पटना के नेऊरा ओपी इलाके में एक टैंकर से करीब 10 क्विंटल गांजा बरामद किया। बरामद गांजा की कीमत 1.5 से दो करोड़ के बीच आंकी जा रही है। ईओयू को गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद एक टीम को तस्करों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। रविवार को एक टैंकर को बिहटा से पटना की ओर आते वक्त नेऊरा ओपी के पास रोका गया। टैंक में तहखाना बनाकर कई पैकेट में गांजा छुपाया गया था। खबर लिखे जाने तक टैंकर के तहखाने से गांजा बाहर निकालने का काम जारी था। अनुमान के मुताबिक टैंकर में करीब 10 क्विंटल गांजा है। गांजा की यह खेप ओडिशा से लाई गई थी। चालक और सह चालक को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। (हिन्दुस्तान, पटना, 13 सितंबर 2020)

5. मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रविवार को पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर 15 किलो गांजा और दो लाख छह हजार रुपए बरामद किए। एक सूचना पर रविवार की सुबह शहर कोतवाली क्षेत्र के पल्हरी गांव के समीप बलखण्डीनाका चौकी प्रभारी हमराही सिपाहियों के साथ पहुंचे। इस दौरान बाइक से आ रहे दो युवकों को पुलिस ने रोक लिया। तलाशी के दौरान बैग में रखे सूखे गांजे के साथ नकदी बरामद हुई। पूछताछ पर तस्करों ने अपना नाम शैलेन्द्र सिंह निवासी तकिया बलखण्डीनाका और अशोक निवासी भज्जू सिंह का पुरवा बताया। (हिन्दुस्तान, पटना, 13 सितंबर 2020)

कहने की जरूरत नहीं है कि ये कुछ ही मामले हैं। सारे मामले तो बहुत ज्यादा होंगे। रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी से भी समझ में आ जाना चाहिए था कि अंतिम उपयोगकर्ता के खिलाफ कार्रवाई से ना धंधा रुकेगा ना अंतिम उपयोगकर्ता कम होंगे। ऐसे में अंतिम उपयोगकर्ता को चुन कर या बिना चुने गिरफ्तार करना भले कानूनन सही हो और मंदी के दौर में कुछ लोगों का धंधा चलेगा (प्रचार भी तो होता है) पर मूल मुद्दा जस का तस रहेगा। उपयोगकर्ताओं की गिरफ्तारी और उनसे मिले सुराग के आधार पर पुलिस बड़े लोगों के पास पहुंचेगी तो पता चलेगा धंधा किसका है।

इसी साल 11 सितंबर को ही, बैंगलोर में 1350 किलो मारीजुआना (गांजा-भांग) पकड़ा गया था। वह भी भिन्न राज्यों में बेचने के लिए था। यह धंधा भाजपा के संरक्षण वाले एक कार्यकर्ता का था। आगे क्या हुआ पता ही नहीं चला। इससे पहले 15 जुलाई 2020 की एक खबर के अनुसार विजयवाडा में सीटीएफ ने 210 किलो गांजा पकड़ा था। यह विशाखापट्टनम से महाराष्ट्र (यानी मुंबई भी) जा रहा था। इन मामलों से अगर एनसीबी गांजे का कारोबार नहीं रोक पाई तो भारती सिंह जैसों की गिरफ्तारी और बड़े अभिनेताओं का नाम लेने के आरोपों को जोड़कर देखिए सारा खेल समझ में आ जाएगा। ऐसे में आप मीडिया को मौत पर श्रद्धांजलि देते रहिए। उसकी आत्मा को शांति मिलना सबसे जरूरी है।

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