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पीएम मोदी से जर्मन चांसलर ने की मुलाकात, 12 समझौतों पर हो सकते हैं हस्‍ताक्षर

 Special News Coverage |  5 Oct 2015 5:45 AM GMT

PM Modi with Angela Merkel

नई दिल्ली : जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल तीन दिन के दौरे पर भारत पहुंच गई हैं। चांसलर आंगेला मैर्कल आज नई दिल्‍ली में भारत और जर्मनी के बीच तीसरी अंतर-सरकारी परामर्श समिति बैठक में भाग लेंगी। उनके साथ आए उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में केबिनेट मंत्री और उद्योगपति शामिल हैं। वित्‍त राज्‍य मंत्री जयंत सिन्‍हा ने हवाई अडडे पर उनकी अगवानी की।

सोमवार को राष्ट्रपति भवन में उनका ऑफिशियल वेलकम किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया। मार्केल ने कहा, ''भारत और जर्मनी के बीच IGC ( इंटर गवर्नमेंटल कंसल्टेशंस) मीटिंग में हम बड़े पैमाने पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर बात करेंगे।


हम इकोनॉमी, एग्रीकल्चर, इंटरनल सिक्युरिटी, डेवलपमेंट और डिफेंस और फाइनेंशियल रिलेशंस पर बात करेंगे।'' इसके बाद मार्केल ने हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। थोड़ी देर बाद वह पीएम मोदी से भी मिलेंगी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बाइलैट्रल डिस्कशन होगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ट्रेड और दूसरे सेक्टर्स से जुड़े 12 से ज्यादा MoU (Memorandum of Understanding) साइन हो सकते हैं।



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भारत को क्या होगा फायदा?
मार्केल के भारत दौरे को दोनों देशों के बीच ट्रेड बढ़ाने से जोड़ कर देखा जा रहा है। जर्मन राजदूत मार्टिन नेय ने कहा कि थर्ड इंटर गवर्नमेंटल कंसल्टेशन से दोनों देशों के हित में बड़े फैसले हो सकेंगे। दोनों देशों के बीच क्लाइमेट चेंज को लेकर भी बातचीत हो सकती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर आपसी हितों के कई मुद्दों पर व्यापक रूप से चर्चा करेंगे।

इनमें रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और प्रॉद्योगिकी और कृषि में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। जर्मन चांसलर आज राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मुलाकात करेंगी। यूरोपीय संघ में जर्मनी, भारत का सबसे बड़ा साझेदार देश है। साथ ही यह भारत में आठवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। जर्मनी की चांसलर की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सामरिक, राजनैतिक और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

मोदी के मेक इन इंडिया कैंपेन को बड़ा फायदा हो सकता है। यूरोपीय यूनियन में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। भारत में सातवां बड़ा विदेशी इनवेस्टर है। पीएम मेक इन इंडिया में जर्मनी की हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। जर्मनी की चांसलर के साथ कई कंपनियों के सीईओ भी आए हैं। बताया जा रहा है कि भारत सरकार से इनवेस्टमेंट को लेकर उनकी चर्चा होगी।

बता दें कि दोनों देशों के बीच गुड्स और सर्विसेज का कुल लेन-देन पिछले साल करीब 15.96 अरब यूरो का था। यह 2013 में दर्ज किए गए 16.10 अरब यूरो के स्तर से 1.14 अरब यूरो कम है। वहीं, भारत से जर्मनी को एक्सपोर्ट थोड़ा ही बढ़ा है। यह 2014 में 7.03 अरब यूरो था। जर्मनी से इम्पोर्ट पिछले साल के 9.19 अरब यूरो से घटकर 8.92 अरब यूरो हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने जर्मन चांसलर का स्‍वागत किया है। ट्वीटर पर संदेश में मोदी ने आशा व्‍यक्‍त की है कि उनके साथ सार्थक बातचीत होगी और आपसी रिश्‍ते मजबूत होंगे।


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