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अगस्ता वेस्टलैण्ड डील: SC करेगा FIR अर्जी पर सुनवाई, त्यागी ने कबूला मिला था बिचौलिए से

 Special News Coverage |  28 April 2016 6:37 AM GMT

अगस्ता वेस्टलैण्ड डील: SC करेगा FIR अर्जी पर सुनवाई, त्यागी ने कबूला मिला था बिचौलिए से

नई दिल्ली: एयरफोर्स के पूर्व चीफ एसपी. त्यागी ने सीबीआई के सामने माना है कि वे इस कंपनी के बिचौलिए से दिल्ली के एक फॉर्म हाउस में मिले थे। बिचौलिए का नाम गिडो राल्फ हैश्के था। लेकिन रिश्वत लेने के आरोप से इनकार। अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दायर की गई अर्जी पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। सुनवाई अगले हफ्ते की जाएगी।

सीबीआई की पूछताछ में त्यागी ने माना था कि वो हैश्के से 6 बार मिले थे और इस मीटिंग के दौरान उनके कजिन्स जूली, डोक्सा और संजीव त्यागी भी मौजूद थे। ये मीटिंग किसी फार्म हाउस पर एक पार्टी के दौरान हुई थी। सीबीआई सूत्रों का दावा है कि इन मीटिंग्स के दौरान हेलिकॉप्टर डील पर ही बात हुई थी। हैश्के पर आरोप है कि उसने डील हासिल करने के लिए त्यागी के कजिन्स को 20 मिलियन यूरो डॉलर्स की रिश्वत दी।



ईडी की जांच में भी ये पैसा दिए जाने के आरोप की पुष्टि हो चुकी है। हेलिकॉप्टर डील को लेकर इटली की कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, उसमें भी त्यागी और हैश्के की मुलाकातों को कन्फर्म किया गया है। 2013 में जब सीबीआई टीम इटली गई थी तब भी हैश्के ने माना था कि उसकी त्यागी से कई मुलाकातें हुईं थीं।

सीबीआई त्यागी और उनके रिश्तेदारों के एसेट्स की जांच कर चुकी है।फाइनल रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश की जाएगी उसमें त्यागी और उनके रिश्तेदारों की प्रॉपर्टी और एसेट्स की पूरी जानकारी दी जाएगी। सीबीआई ने इस डील में करप्शन को लेकर 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें एक नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष बागरोदिया के भाई सतीश का भी है।

आरोप है कि बतौर एयरफोर्स चीफ त्यागी ने वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की मैक्सिमम फ्लाइंग हाइट 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर करने की परमिशन दी थी। जिसका काफी विरोध किया गया था। सीबीआई का आरोप है कि फ्लाइंग हाइट कम करने की वजह से ही अगस्ता वेस्टलैंड को काॅन्ट्रैक्ट मिला। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो वह बोली में शामिल भी नहीं हो सकती थी।


यूपीए-1 सरकार के वक्त 2010 में अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 हेलिकॉप्टरों की खरीद की डील हुई थी। डील के तहत मिले 3 हेलिकॉप्टर आज भी दिल्ली के पालम एयरबेस पर खड़े हैं। इन्हें इस्तेमाल में नहीं लाया गया। डील 3,600 करोड़ रुपए की थी। टाेटल डील का 10% हिस्सा रिश्वत में देने की बात सामने आई थी। इसके बाद यूपीए सरकार ने फरवरी 2010 में डील रद्द कर दी थी। तब एयरफोर्स चीफ रहे एसपी त्यागी समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। जिस मीटिंग में हेलिकाॅप्टर की कीमत तय की गई थी, उसमें यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भी मौजूद थे।

मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने सोमवार को दिए फैसले में माना कि इस हेलिकॉप्टर डील में करप्शन हुआ और इसमें इंडियन एयरफोर्स के पूर्व चीफ एसपी. त्यागी भी शामिल थे। 90 से 225 करोड़ रुपए की रिश्वत भारतीय अफसरों को दी गई। कोर्ट ने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर देने वाली कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के चीफ जी. ओरसी को दोषी ठहराया है। उन्हें साढ़े चार साल जेल की सजा सुनाई गई है।

इटली की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने अपने जजमेंट में बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड ने कैसे कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी और उनके करीबी सहयोगियों जैसे पीएम मनमोहन सिंह और नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर एमके नारायणन के साथ लॉबिंग की। रिपोर्ट में दावा किया गया कि 225 करोड़ रुपए की रिश्वत में से 52% हिस्सा नेताओं को दिया गया। 28% ब्यूरोक्रैट्स को दिया गया। 20% रकम एयरफोर्स के अफसरों को बतौर रिश्वत दी गई।

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