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राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई प्रस्ताव, केन्द्र ने खारिज किया

 Special News Coverage |  20 April 2016 11:28 AM GMT

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई प्रस्ताव, केन्द्र ने खारिज किया

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने तमिलनाडु सरकार के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई की मांग की गई है। गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में उसके पास इन कैदियों को रिहा करने का कोई अधिकार नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार ने केंद्र से दोषियों की सजा कम करने की मांग की है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से अखबार ने लिखा है कि उन्होंने यह प्रस्ताव कानून मंत्रालय से चर्चा के बाद रद्द किया है। राज्य सरकार ने अपने पत्र में केंद्र को लिखा था कि उन्हें दोषियों की याचिका प्राप्त हुई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वो 20 साल से ज्यादा जेल में गुजार चुके हैं और अब उन्हें आजाद किया जाए।


तमिलनाडु सरकार ने इससे पहले भी केंद्र सरकार से इनके लिए माफी की गुहार लगा चुकी है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी जयललिता ने केंद्र सरकार से राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने की इजाजत मांगी थी। तब केंद्र सरकार ने कहा था कि ऐसे संवेदनशील फैसले लेने से पहले बड़े पैमाने पर सलाह मशविरा करना होगा।

तमिलनाडु सरकार ने सीआरपीसी की धारा 435 के तहत सजा माफी की बात कही थी। तब कानून के जानकारों ने बताया था कि कानून में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केंद्र से सलाह मशविरा किए बिना राज्य सरकार ऐसे अधिकारों का इस्तेमाल नहीं करेगी। तमिलनाडु सरकार ने इसके लिए दोबारा केंद्र सरकार से इजाजत मांगी है।

राजीव गांधी की हत्या की सजा में उम्रकैद काट रही नलिनी को इसके पहले 23 फरवरी को एक दिन की पैरोल मिली थी। नलिनी को पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। नलिनी के अलावा इस केस में सात अन्य दोषी सजा काट रहे हैं।

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