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PM मोदी के सामने भावुक हुए चीफ जस्‍टिस, बोले मुकदमों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जजों की नहीं

 Special News Coverage |  24 April 2016 8:34 AM GMT

चीफ जस्‍टिस


नई दिल्ली : दिल्ली के विज्ञान भवन में रविवार को मुख्यमंत्र‍ियों और विभिन्न हाई कोर्ट के चीफ जस्टिसों को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि देश में मुकदमों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जजों की नहीं। बता दें कि इस सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।

टी.एस.ठाकुर ने कहा, कोई इस बारे में बात नहीं करता कि जजों ने कितने केस निपटाए। जजों की भी काम करने की क्षमता की लिमिट है। उन्होंने हाईकोर्ट में रिटायर्ड जजों की नियुक्ति की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि ऐसे तौर-तरीके अपनाए जाने की जरूरत है जिससे कि पेंडिंग पड़े केस जल्द से जल्द सुलझे और ज्युडिश्यरी की गरिमा बरकरार रहे।






सरकार सारा दोष न्यायपालिका के मत्थे नहीं मढ़ सकती। लोगों को न्यायपालिका पर भरोसा है क्योंकि हम ऐसे हालात में अपना बेहतर कर रहे हैं। अप्वाइंटमेंट शुरू करने के लिए कितने टाइम की जरूरत है, हमारे पास मुकदमों का पहाड़ पड़ा है। 38 लाख केस हाईकोर्ट्स में पेंडिंग पड़ें हैं। इनको निपटाने के लिए कितने जज चाहिए, ये हम क्यों नहीं समझते।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठाकुर ने कहा कि बाहरी देशों के जज इस बात पर आश्‍चर्य करते हैं कि कैसे भारतीय जज इतने सारे केसों को निपटाते हैं। ठाकुर के मुताबिक, एक भारतीय जज औसतन 2600 जबकि अमेरिकी जज 81 केसों का निस्‍तारण करता है। पीएम मोदी ने अपनी छोटी सी स्‍पीच के दौरान कहा कि वे इस मुद्दे को हल करने की पूरी कोशिश करेंगे।

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