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मरने के 1घंटे पहले किया था भारत फोन, बोले पीएम शास्त्री करेंगे बड़ा खुलासा और फिर ...

 Special News Coverage |  13 Dec 2015 6:56 AM GMT

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रहस्मयी ‘पेरिस मैन’ का भी खुलासा कर चुके हैं मिलर
– इससे पहले भी नील मिलर नेताजी से मिलते-जुलते चेहरे वाले ‘पैरिस मैन’ का भी खुलासा कर चुके हैं।
-पैरिस मैन एक अज्ञात शख्स की फोटो थी जो खुद को जर्नलिस्ट बताया था। उसके चेहरे पर दाढ़ी थी लेकिन दाढ़ी हटाने के बाद उसका चेहरा नेताजी से काफी मिलता-जुलता था।
– पेरिस मैन 25 जनवरी 1969 को अमेरिका और नॉर्थ वियतनाम के बीच हुई शांतिवार्ता के दौरान एक फोटो में नजर आया था।

– सतभाई ने इसके वीडियो और फोटोज जुटाए और मिलर की मदद से फेस मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल कराया था।


नेताजी सुभाष चंद्र बोस की फाइलें सार्वजनिक होने से पहले एक तस्वीर सामने आई है। तस्वीर 1966 की है जब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ताशकंद गए थे। ब्रिटिश एक्सपर्ट नील मिलर ने फोरेंसिक फेस मैपिंग रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि तस्वीर में जो शख्स शास्त्री के साथ खड़ा है, वह नेताजी हैं।

तस्वीर पर पीएम मोदी से अपील

इस फॉरेंसिक रिपोर्ट पर शोध करने वाली टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह अपनी अगली मास्को यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस फोटो की सच्चाई का खुलासा करने को कहें। मोदी इसी महीने रूस जाने वाले हैं। वैसे, केंद्र सरकार नेताजी की फाइलों के लिए रूस से मदद मांगने की बात कह चुकी है। ब्रिटेन हाईकोर्ट और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में मिलर ने अपनी यह राय रखी है।

इस तस्वीर के मायने क्या

अगर ये तस्वीर नेताजी की ही है तो यह बात झूठ साबित हो जाएगी कि उनकी मौत 1945 में विमान क्रैश होने से उनकी मौत हुई थी। दूसरा दावा भी खारिज हो जाएगा कि उन्हें 1950 में जोसेफ स्टालिन ने मार दिया था। तस्वीर सही हुई तो उनकी मौत का रहस्य और ज्यादा गहरा जाएगा। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि वह 23 जनवरी को नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करेगी।

भारतवंशी ने बनाई है टीम
फेस मैपिंग के लिए शोध करने वालों की टीम भारतीय मूल के 36 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिद्धार्थ सतभाई ने बनाई है। वह 1969 में पेरिस में हुई वियतनाम शांति वार्ता की तस्वीर भी सार्वजनिक कर चुके हैं। तब उन्होंने दावा किया था कि तस्वीर में दाढ़ी वाले शख्स का चेहरा नेताजी से मिल रहा है।

इस दावे तक ऐसे पहुंचे मिलर
सतभाई ने कई तस्वीरें और वीडियो जुटाए हैं। मिलर ने इन तस्वीरों और वीडियो का एक महीने तक अध्ययन किया और उसके आधार पर फेस मैपिंग टेक्नोलॉजी के जरिये 1966 की तस्वीर से उनका मिलान किया। पिछले महीने ही उन्होंने 62 पन्नों की रिपोर्ट पेश की है। मिलर का दावा है कि शास्त्री के साथ जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है उसका चेहरा, कान, नाक, होठ, दाढ़ी और माथे में काफी समानताएं हैं।

निधन से पहले बोले करेंगे बड़ा खुलासा

इसी यात्रा के दौरान 11 जनवरी 1966 को शास्त्री का निधन हो गया था. तब बताया गया था कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई। उस वक्त 9 साल के रहे शास्त्री के पोते संजय नाथ सिंह ने बताया था कि मृत घोषित किए जाने से करीब घंटेभर पहले ही शास्त्री ने किसी से बात की थी। शास्त्री जी के पोते संजय नाथ का दावा है कि शास्त्री जी की मौत से महज एक घंटे पहले ही शास्त्री जी ने किसी के साथ फोन पर बात की थी। उन्होंने फोन पर उस शख्स से कहा था कि वे भारत लौटकर एक ऐसा खुलासा करेंगे, जिससे विपक्षी दल बाकी सब कुछ भूल जाएंगे। संजय नाथ, शास्त्री जी की मौत के वक्त महज 9 साल के थे।

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