Home > Archived > क्या भारत ऐसे कांग्रेस मुक्त हो जाएगा?

क्या भारत ऐसे 'कांग्रेस' मुक्त हो जाएगा?

 Special News Coverage |  24 April 2016 12:52 PM GMT

क्या भारत ऐसे 'कांग्रेस' मुक्त हो जाएगा?

नई दिल्ली: 2014 के आम चुनाव के दौरान बीजेपी का कांग्रेस मुक्त भारत का नारा हमने पहली बार सुना। इसका मतलब यही है कि कांग्रेस का ख़ात्मा करना। बीजेपी अपने इस दावे को पूरा करने की राह में कहां तक कामयाब हुई है, इस पर एक नज़र डाल लेते हैं।

देश के जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, उनमें मिज़ोरम, मणिपुर और मेघालय जैसे उत्तरपूर्व के छोटे राज्य और दक्षिण के दो बड़े राज्य केरल और कर्नाटक शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर में हिमाचल प्रदेश की सरकार है और हाल-फ़िलहाल तक उत्तराखंड में भी कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं, इस बात की संभावना भी नहीं है कि कांग्रेस इन राज्यों में फिर से चुनाव जीतेगी।


हिमाचल प्रदेश में भी अगले साल चुनाव होने वाले हैं। यहां एक बार जो पार्टी सत्ता में रहती है, वो अमूमन अगली बार बाहर हो जाती है। ऐसे में कांग्रेस के लिए इस राज्य में अपनी सरकार को बचा पाना मुश्किल दिख रहा है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले में सीबीआई की जांच चल रही है और उनके लिए बने रहना आसान नहीं होगा। बीजेपी के उभरते सितारों में शुमार अनुराग ठाकुर विपक्ष में हैं। राज्य में कांग्रेस के पास उनके जैसे करिश्मा वाला कोई नेता नहीं है।

केरल के चुनाव पूर्व सर्वेक्षण ये बता रहे हैं कि कांग्रेस वाम मोर्चा से पीछे है। अगर कांग्रेस हारती है तो राज्य की राजनीति पर नज़र रखने वालों के लिए ये अचरज की बात नहीं होगी। दूसरी बात यह कि क्या बीजेपी का मत प्रतिशत बढ़ेगा, क्योंकि उसे मलयाली हिंदुओं का समर्थन मिल रहा है।

कर्नाटक में कांग्रेस के मुख्यमंत्री का नाम कई घोटालों में उछल रहा है। इसमें लग्ज़री घड़ियों के इस्तेमाल का मामला भी है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वे इसे अफोर्ड नहीं कर सकते। दूसरी ओर उनका बेटा एक ऐसी कंपनी में हिस्सेदार है जिसे सरकारी ठेके मिले हैं। कर्नाटक में अहम बात ये हुई है कि बीजेपी में पार्टी नेता के तौर पर पूर्व प्रमुख रहे येदियुरप्पा की वापसी हो गई है। उनकी वापसी से अगले चुनाव में बीजेपी के जीतने की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य में दो साल बाद चुनाव होने हैं।

असम के चुनावी सर्वेक्षण बता रहे हैं कि बीजेपी आसानी से और प्रभावी ढंग से चुनाव जीत सकती है। यह 2014 के लोकसभा चुनाव के मुताबिक ही दिख रहा है। बांग्लादेशी मुसलमानों के राज्य में आकर रहने के मुद्दे पर काफी चर्चा हुई है और बीजेपी को इसका निश्चित तौर पर फ़ायदा मिलेगा।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिए वाम मोर्चे से हाथ मिलाया है। जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक दोनों में कड़ा मुक़ाबला दिख रहा है लेकिन ममता बनर्जी की पार्टी जीतेगी।

यह ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बीजेपी शासित गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का भी सच है। ऐसे में उत्तरपूर्व में कांग्रेस के तीन राज्यों की मौजूदा सरकार के भी नहीं रहने की संभावना नज़र आ रही है। कोई भी ऐसा राज्य नहीं है, जहां कांग्रेस की स्थिति बेहतर दिख रही है।

राहुल गांधी और उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा को लेकर ज़्यादातर निगेटिव रिपोर्ट ही दिखती हैं। दिल्ली में बीजेपी कुछ ज़्यादा नहीं कर सकती, इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय मीडिया में भुना नहीं पा रही है। अब ये गांधी परिवार तय नहीं कर रहा है। चुनाव का ताजा दौर गांधी परिवार के लिए सदमे जैसी ख़बर लेकर आ सकता है। एक बार फिर कांग्रेस मुक्त भारत का मुद्दा उछलेगा। लेकिन इस बार ये सवाल नहीं उठेगा ऐसा कब होने वाला है।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Share it
Top