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JNU केसः उमर खालिद ने कबूला, दिए अफजल के समर्थन में नारे

 Special News Coverage |  24 Feb 2016 4:46 AM GMT


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नई दिल्ली
जेएनयू कैंपस में देश विरोधी नारे के आरोप में फरार पांच छात्रों में से दो ने मंगलवार आधी रात को सरेंडर कर दिया। पुलिस उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को आरके पुरम थाने ले कर गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उमर खालिद और अनिर्बान ने पुलिस को बताया है कि इतने दिन तक वे कहां-कहां ठहरे। दोनों पूछताछ में पूरा सहयोग कर रहे हैं। ये भी बताया जा रहा है की उमर ने यह स्वीकार किया है कि उसने अफजल गुरु के समर्थन में भाषण दिया था।


दोनों आरोपियों की पेशी के लिए दिल्ली पुलिस ने एक सीक्रेट प्लान बनाया है, जिसके तहत ही दोनों की पेशी कराई जायेगी। पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया की पेशी के दौरान हुए बवाल को देखते हुए पुलिस सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता बरत रही है। जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर दोनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। बाकी तीन आरोपी अभी भी कैंपस में ही हैं और अपने वकीलों से विचार-विमर्श कर रहे हैं।

आरके पुरम थाने में दोनों आरोपी

रात 11 बज कर 35 मिनट उमर और अनिर्बान दोनों निजी जीप पर यूनिवर्सिटी से बाहर निकले। रात 11 बज कर 40 मिनट पर उमर और अनिर्बान जेएनयू के गेट नंबर 4 पर पहुंचे। जहां पुलिस की दो गाड़ियां पहले से उनका इंतजार कर रही थीं। 11 बज कर 55 मिनट पर दोनों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।




वहां से पुलिस ने उन्हें अपनी वैन में बैठाया और सीधे वसंत विहार थाने ले गई, जहां इनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज है। उसके बाद आरोपियों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस दोनों को आरके पुरम थाने लेकर पहुंची। थाने के करीब आधा किलोमीटर के रेडियस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी बाहरी शख्स को थाने के आस-पास नहीं जाने दिया जा रहा है।

पटियाला हाउस कोर्ट में दोनों आरोपियों की पेशी
साउथ डिस्ट्रिक्ट की एसटीएफ की टीम उमर और अनिर्बान से पूछताछ कर रही है। उमर खालिद और अनिर्बान की मेडिकल जांच के लिए सुबह तड़के 4 बज कर 45 मिनट पर डॉक्टरों की टीम थाने पहुंची. करीब एक घंटे तक दोनों छात्रों की मेडिकल जांच की गई। बुधवार दोपहर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दोनों आरोपियों की पेशी होगी। पुलिस कोर्ट से दोनों की रिमांड मांगेगी।

हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद फैसला

मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद की अर्जी पर समर्पण करने को कहा था। उमर ने कन्हैया पर हमले का हवाला देते हुए सुरक्षा की चिंता जताई थी, जिस पर कोर्ट ने समर्पण का दिन, समय और स्थान पहले बताने का निर्देश दिया था। ऐसा बताया जा रहा है कि कोर्ट के निर्देश के बाद आरोपियों ने बैठक कर अपने वकीलों की सलाह से सरेंडर का फैसला किया।






यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक कैंपस में देश विरोधी नारेबाजी और आरोपियों पर आंतरिक जांच चलती रहेगी। ऐसा बताया गया कि छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर सरेंडर करने में देरी हुई है।

छात्रों ने किया मीडिया कवरेज का विरोध

सरेंडर के वक्त जाते हुए उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब नहीं दिया। सहयोगी छात्रों ने मीडिया के सवालों पर आपत्ति जताते हुए संवेदनशील होने की बात कही। जब खालिद और भट्टाचार्य कैंपस से जा रहे थे, तो मीडिया को उनका पीछा करने से रोकने के लिए छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाई।

जारी रहेगी छात्रों की लड़ाई
दोनों आरोपियों के सरेंडर करने के बाद स्टूडेंट्स ने सभा कर दुख जताया और लड़ाई जारी रखने की बात कही। जेएनयू छात्र संघ उपाध्यक्ष शहला राशिद ने छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के बेल की उम्मीद भी जताई।

रविवार को वापस आए फरार छात्र
देश विरोधी नारे का खुलासा 9 फरवरी के वीडियो से हुआ और उमर खालिद फरार हो गया. इस मामले में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बीते रविवार खालिद अपने साथियों के संग कैंपस में वापस आया और अपनी सफाई भी पेश की। दिल्ली पुलिस वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल कर रही है।
आज तक


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