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RTI का जवाब समयबद्ध, पारदर्शी और सरल पद्धति के साथ दिया जाए : पीएम मोदी

 Special News Coverage |  16 Oct 2015 9:41 AM GMT

PM Narendra Modi in CIC photo courtesy : PIB

नई दिल्ली : पीएम नरेन्द्र मोदी ने सरकारी विभागों से कहा है कि वे आरटीआई आवेदनों के जवाब देते हुए तीन "टी" - टाईमलीनेस (समयबद्धता), ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) और ट्रबल-फ्री अप्रोच (सरल पद्धति) को ध्यान में रखें क्योंकि इससे शासन में गलतियों को कम करने में मदद मिलेगी। शुक्रवार को केन्द्रीय सूचना आयोग की 10वीं वर्षगाठ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन में और ज्यादा खुलापन होने से नागरिकों को मदद मिलेगी क्योंकि आज के दौर में गोपनीयता की कोई जरूरत नहीं है।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सूचना का अधिकार सिर्फ जानने के अधिकार के बारे में नहीं है, यह सवाल पूछने के अधिकार के बारे में भी है क्योंकि इससे लोकतंत्र में विश्वास बढ़ेगा। शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने में सूचना के अधिकार कानून द्वारा निभाई गई भूमिका का संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून सरकारी नीतियों की समीक्षा में भी मदद कर सकता है। मोदी ने कहा कि सारे प्रशासनिक कार्यो को ऑनलाइन किए जाने को सुनिश्चित करने वाली उनकी सरकार की पहल "डिजीटल इंडिया" पूरी तरह से आरटीआई से जुड़ी है।

उन्होंने कहा कि यदि हम आरटीआई को सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित कर देते हैं तो शासन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होंगे। हमें आरटीआई के सवालों का विश्लेषण करना चाहिए और इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या नीतिगत मामलों में बदलाव किए जाने की जरूरत है? प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन सुनिश्चित करने के लिए हर विभाग को आरटीआई को गंभीरता के साथ लेना चाहिए और यह देखना चाहिए कि क्या उठाए गए मुद्दों पर पर्याप्त गौर किया गया है?

उन्होंने कहा कि जब चीजें ऑनलाइन हो जाती हैं, तो सभी मुद्दे पारदर्शी हो जाते हैं और आरटीआई का मुख्य उद्देश्य शासन में पारदर्शिता लाना है। अधिकतम (चीजें) ऑनलाइन, अधिकतम पारदर्शिता। प्रशासनिक कार्यो में गोपनीयता बनाकर रखने की कोई जरूरत नहीं है। वे दिन जा चुके हैं।

मोदी ने कहा, "लोगों के पास सरकार से सवाल पूछने का अधिकार होना चाहिए। यह लोकतंत्र की नींव है, इससे लोकतंत्र में विश्वास बढ़ेगा। जब चीजें ऑनलाइन हो जाती हैं तो पारदर्शिता स्वत: ही बढ़ जाती है। विश्वास भी बढ़ता है।" उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार कानून का उद्देश्य शासन व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव लाना है।


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