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RSS ने पाञ्चजन्य में छपे लेख का किया खंडन, बोले दादरी हिंसा का विरोध करते हैं हम

 Special News Coverage |  18 Oct 2015 7:57 AM GMT


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नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के मुखपत्र पांचजन्य ने हाल ही में घटित दादरी हत्याकांड में मारे गये अखलाक की हत्या को सही ठहराया है और इस हत्या के विरोध स्वरूप पुरस्कार लौटाने वाले लेखकों पर निशाना साधा गया है। इतना ही नहीं, पांचजन्य के नए अंक की कवर स्टोरी में कहा गया है कि वेदों में गाय को मारने वाले ‘पापियों’ की हत्या का आदेश दिया गया है।



आरएसएस के मनमोहन वैध ने इस तरह की खबर का खंडन करते हुए कहा की आरएसएस इस तरह की घटनाओं की सपोर्ट कभी भी नहीं करती है साथ ही बोले की पांचजन्य और आर्गेनाइजर आरएसएस के मुखपत्र नहीं है।




लेख में आगे लिखा गया है हममें से बहुत लोगों के लिए ये जीवन मरण का सवाल है। लेख में मदरसा और मुस्लिम नेताओं को कसूरवार ठहराते हुए लिखा गया है कि दादरी कांड में मारे गये अखलाक शायद इन्हीं लोगों के प्रभाव में आ गये थे। लेख में उन साहित्यकारों पर भी निशाना साधा गया है जो दादरी कांड के विरोध में सम्मान लौटा रहे हैं।


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इस मुद्दे पर लेखकों पर सवाल उठाते हुए पत्रिका में लिखा गया है कि वे इस मामले पर शांत क्यों रहे? लेख में कहा गया है, ‘वेद का आदेश है कि गोहत्या करने वाले के प्राण ले लो. हममें से बहुतों के लिए तो यह जीवन-मरण का प्रश्न है।’ इस लेख को हिंदी लेखक तुफैल चतुर्वेदी (विनय कृष्ण चतुर्वेदी) ने लिखा है।



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