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शनि शिंगणापुर मंदिर में टूटी 400 साल पुरानी परंपरा, मंदिर ट्रस्ट ने महिलाओं को भी दी इजाजत

 Special News Coverage |  8 April 2016 7:42 AM GMT

शनि शिंगणापुर मंदिर में टूटी 400 साल पुरानी परंपरा, मंदिर ट्रस्ट ने महिलाओं को भी दी इजाजत

मुंबई: महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में 400 साल पुरानी परंपरा अाज टूट गई। 400 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब महिलाओं को पूजा करने की इजाजत मिली है। जानकारी के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट ने तृप्ति देसाई काे पूजा के लिए न्याैता भेजा है। अब महिलाअाें काे मंदिर में स्थित मुख्य शिला की पूजा की इजाजत हाेगी। आपको बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मंदिर ट्रस्ट महिलाओं को पूजा करने के अधिकार के खिलाफ अड़ा हुआ था।


बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में शुक्रवार को मंदिर में पूजा को लेकर पुरुष श्रद्धालुओं ने मंदिर में धावा बोला और मुख्यशिला तक पहुंच गए, जहां पूजा पर रोक लगी हुई है। पुलिस किसी को भी रोक पाने में नाकाम रही। लेकिन पुरुष श्रद्धालुओं के जबरन घुसने के थोड़ी देर बाद ही मंदिर के ट्रस्ट ने महिलाओं को भी पूजा करने की इजाजत देकर ये एेताहासिक फैसला सुनाया। मंदिर के ट्रस्ट ने तृप्ति देसाई को मंदिर में पूजा करने के लिए न्यौता भेजा है।

तृप्ति देसाई शनि मंदिर के लिए रवाना हो गयी
आपको बता दे एक्टिविस्ट तृप्ति देसाई शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाअाें काे प्रवेश और पूजा का अधिकार दिए जाने के लिए लड़ाई लड़ रही थी। मंदिर में पूजा को लेकर महिलाओं के अधिकार की आवाज उठाने वाली एक्टिविस्ट तृप्ति देसाई आज शनि शिंगणापुर मंदिर में पूजा के लिए पुणे से रवाना हो चुकी है। उनकी अपील पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि देश का कानून सभी के लिए बराबर है और किसी को भी मंदिर में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता। लेकिन अब शनि शिंगणापुर मंदिर का विवाद खत्म हो गया है।

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