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नाबालिग रेपिस्ट की हुई रिहाई, इंडिया गेट पर विरोध कर रहे निर्भया के माता-पिता को हटाया

 Special News Coverage |  20 Dec 2015 1:45 PM GMT

Nirbhaya case

नई दिल्ली : देश को झकझोर कर रख देने वाले दिल्ली के निर्भया गैंगरेप के नाबालिग रेपिस्ट को भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच रविवार शाम को रिहा कर दिया गया। नाबालिग की सुरक्षा के मद्देनजर उसे देखरेख के लिए दिल्ली के एक एनजीओ को सौंपा गया है।

उधर, निर्भया गैंगरेप केस के दोषी नाबालिग को रिहा किए जाने का विरोध कर रहे निर्भया के माता-पिता को पुलिस ने जबरन वहां से हटा दिया है। पुलिस इनको बस से पार्लियामेंट थाने ले गई है।


नाबालिग रेपिस्ट की रिहाई पर क्या बोले निर्भया के मां-बाप
इंडिया गेट पर रिहाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे निर्भया के पिता को जैसे ही यह जानकारी मिली की जुवेनाइल को रिहा कर दिया है।उन्होंने रिएक्शन देते हुए कहा - ये कैसा कानून है? कोई मर जाता है और कोई क्राइम करके भी रिहा हो जाता है। - निर्भया के पिता

अब समाज फैसला करेगा कि सरकार के साथ क्या करना है। सरकार महिला सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं कर रही है। सरकार चाह रही है कि लोग मरते रहें। सड़कों पर महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ ऐसा ही क्राइम होता रहे -
निर्भया की मां









पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर इंडिया गेट पर किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इंडिया गेट के आसपास धारा 144 लगा दी गई है। इसके बाद भी लोग रिहाई के विरोध में डटे हुए हैं।

इससे पहले दिल्ली महिला आयोग ने रिहाई रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट की एक अवकाशकालीन बेंच ने सुनवाई करते हुए रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। साथ ही इस मामले की सुनवाई के लिए सोमवार का दिन तय किया गया था।

किरण बेदी ने कहा - अब वो आजाद है :
किरण बेदी ने भी यह रिहाई रोकने का परोक्ष रूप से समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश को सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है। कानून, विधायिका और कार्यपालिका नाकाम रहे। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट अब उस पर लागू नहीं होता. अब वह आजाद है. वह अपनी खुद के 'सुरक्षा घेरे' में भी रह सकता है।





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