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उत्तराखंड : हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, फिर लगा राष्ट्रपति शासन

 Special News Coverage |  22 April 2016 12:37 PM GMT

उत्तराखंड : हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, फिर लगा  राष्ट्रपति शासन

नैनीताल: उत्तराखंड राष्ट्रपति शासन हटाने के हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैलस तक रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य में दोबारा राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। कोर्ट ने केंद्र को जल्द से जल्द हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने केंद्र को साथ ही निर्देश दिया कि वह इस बीच राष्ट्रपति शासन नहीं हटाएगा। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि वे इस दौरान राज्य सरकार को बर्खास्त नहीं करेंगे।


बता दें कि गुरुवार 21 अप्रैल को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला किया था। कोर्ट ने हरीश रावत सरकार से 29 अप्रैल को विश्वासमत पेश करने को कहा था। कोर्ट ने अपने फैसले में नौ बागी विधायकों को भी सस्पेंड कर दिया था।

हरीश रावत बोले- हम ‘चौड़े सीने’ वाली केंद्र सरकार से नहीं लड़ना चाहते केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के राष्ट्रपति शासन खारिज करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई दोपहर 3.30 बजे शुरु हुई है। इससे पहले न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी से मामले को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने के लिए उच्चतम न्यायालय रजिस्ट्रार से संपर्क करने को कहा था। रजिस्ट्रार को मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के लिए प्रधान न्यायाधीश से अनुमति लेनी होती है।

हाई कोर्ट ने कहा-न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है राष्ट्रपति का फैसला भी, वह राजा नहीं हैं वहीं हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह और वरिष्ठ मंत्रियों ने बैठक की थी। बैठक में तय हुआ था कि अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी उच्च न्यायालय के फैसले पर स्थगन की मांग करेंगे। शाह के आवास पर हुई बैठक में रोहतगी के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, गृह सचिव राजीव महर्षि शामिल हुए। इसमें उच्च न्यायालय के आदेश के प्रभावों और पार्टी तथा सरकार के समक्ष मौजूद विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया था। उच्च न्यायालय के फैसले को मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका माना गया था।

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