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केंद्र को बड़ा झटका, उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटा, हरीश रावत बहुमत सिद्ध करें

 Special News Coverage |  21 April 2016 10:33 AM GMT

केंद्र को बड़ा झटका, उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटा, हरीश रावत बहुमत सिद्ध करें

नैनीताल: नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटा दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार को बहाल करने की बात कही है। हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल तक हरीश रावत को बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद हरीश रावत समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

आपको बता दें कि उत्तराखंड में राज्यपाल की सिफारिश के बाद 27 मार्च को

राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। उत्तराखंड में 18 मार्च से राजनीतिक संकट की शुरुआत हुई थी। वहीं बताया जा रहा है कि हरीश रावत ने कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई है। बैठक आगे की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केंद्र ने गलत तरीके से काम किया। इसके साथ ही कोर्ट ने स्पीकर के दोहरे रवैया की भी आलोचना की है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो दिशानिर्देश दिए हैं उसके हिसाब से उत्तराखंड में धारा 356 का लागू किया जाना कानून के विरुद्ध था।

होईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर दौड़़ गई। दूसरी ओर अभी ऐसे इशारे मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे देगी।

बता दें इससे पहले, नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागने के मामले में केंद्र सरकार की जमकर फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे, अदालत ने पूछा है कि क्यों नहीं एक हफ्ते के लिए राष्ट्रपति शासन हटाकर सरकार बनाने का मौका देते हैं।

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा है कि ‘सरकार प्राइवेट पार्टी है क्या?’ कल इसी कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति राजा नहीं हैं। वो भी गलत हो सकते हैं। उनके फैसले की भी कोर्ट समीक्षा कर सकता है। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया था।

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