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मायावती के सेंडिल के बाद भतीजे के महंगे जूते की उठी बात, बीजेपी के इस नेता ने शेयर की तस्वीरें और कीमत

 Special Coverage News |  17 April 2019 3:37 AM GMT

मायावती के सेंडिल के बाद भतीजे के महंगे जूते की उठी बात, बीजेपी के इस नेता ने शेयर की तस्वीरें और कीमत

बीएसपी सुप्रीमो मायावती और उनकी सैंडल सहित उनके कई और रईसी शौकों की चर्चा यूपी में हमेशा होती रहती है. इस बार उनके शौक का नहीं उनके भतीजे सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि विदेश से पढ़ाई करके लौटे आकाश आनंद को महंगे ब्रांड्स की चीजें पसंद हैं.


इस बार इस बात को भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के महासचिव सौरभ चौधरी ने इस बार इन तस्वीरों को शेयर किया है. इसलिए लोकसभा चुनाव से पहले इन तस्वीरों को शेयर करके हलचल मचा दी है.




वैसे यह बात जब जनवरी में भी सामने आ चुकी है. जब इस नौजवान को फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो वह स्टाइलिश पहनावे में दिखे. जिसको लेकर एक यूजर ने लिखा, ''वैसे इनका पहनावा, इनके बारे में जानकारी दे रहा है - महंगे विदेशी ब्रांड के शौक़ीन हैं क्योंकि जूते #Gucci के ही लगते हैं. कीमत लाख के करीब तो होगी शायद.'' सही पहचाना GuCCI ही है और कीमत है $940 यानी 66,824 रुपए.'' जबकि हमारी पड़ताल के अनुसार, gucci.com वेबसाइट पर इन जूतों (Children's Horsebit Gucci check slipper) की कीमत $290 (इंडियन करेंसी में 23,500 रुपए) है. विदेशी टॉप ब्रांड्स में शामिल gucci के आइटम्स हर देश में अलग-अलग कीमत पर बिकते हैं.


जिसमें सामने आया था कि यूपी की CM रहने के दौरान मायावती एक हजार रुपये की सैंडल मुंबई से विशेष रूप से हवाई जहाज से लखनऊ मंगाती थीं। एक बार में प्लेन से सैंडल और चप्पल मंगाने में लगभग 10 लाख रुपए का खर्च आ जाता था। मायावती के करीबी सिर्फ इसलिए ये सब करते थे क्योंकि उनकी कृपा दृष्टि हमेशा उन पर बना रहे। आपको बता दें मायावती प्लेन मुंबई भेजकर सैंडल तब मंगाती थीं, जब उनको लखनऊ में कोई मनपसंद सैंडल नहीं मिलती थी।


आस्ट्रेलियन इंटरनेट एक्टिविस्ट जूलियन असांजे की वेबसाइट विकिलीक्स ने 2011 में यूपी में बीएसपी की सरकार से जुड़े खुलासे कर राजनीति में उथल पुथल मचा दी थी. विकिलीक्स के मुताबिक मायावती के करीबी IAS अफसर और उस समय के मुख्य सचिव शशांक शेखर और पार्टी नेता सतीश चंद्र मिश्रा के निर्देश पर अफसरों को मुंबई भेजकर कई बार हवाई जहाज से सैंडल मंगवाई गई. आपको बता दें कि मायावती की सैंडल जो एक हजार रुपये की होती थी उसे लाने में 10 लाख से ज्यादा खर्च हो जाते थे.



उमा भारती ने कहा था खोट नीतियों में नहीं, संवाद में है. यहां तो मायावती का हाल इंग्लैंड की महारानी जैसा है. मैं नहीं कहती कि मायावती को हीरे नहीं पहनना चाहिए. किसी को उनके अच्छा बटुआ रखने, ऊंची एड़ी के सैंडल पहनने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए. मुलायम सिंह के चेहरे की अच्छी मालिश पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए. पर असल में मायावती ने दलितों और गरीबों के साथ संवाद नहीं किया है. प्रशासन अलग चला, वे अलग चलीं. दोनों में अगर कोई कड़ी थी तो वह पैसे की उगाही थी. मुलायम सिंह जी ने अपने और परिवार, रिश्तेदारों के अलावा किसी को बढ़ावा नहीं दिया. आप जिन वर्गों से आए उनके साथ संवाद रखना जरूरी है. यह काम भारत में सिर्फ लालू जी ने किया, मैंने किया और अब ममता बनर्जी कर रही हैं.

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