Home > कुमार विश्वास ने खोली अब मोदी सरकार की भी पोल, कहा कोउ नृप होय हमेंई हानि

कुमार विश्वास ने खोली अब मोदी सरकार की भी पोल, कहा कोउ नृप होय हमेंई हानि

बीजेपी सरकार द्वारा राजनैतिक पार्टियों के लिए विदेशी चंदा लेना आसान कर दिया गया है इस पर यह बात डॉ कुमार विश्वास ने कही.

 शिव कुमार मिश्र |  2018-03-19 06:03:16.0  |  दिल्ली

कुमार विश्वास ने खोली अब मोदी सरकार की भी पोल, कहा कोउ नृप होय हमेंई हानि

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने चंदा से सम्बंधित बिल को संसद में ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस तरह बिल पास करने पर शिक्षाविद और वरिष्ठ कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा कोउ नृप होय हमेंई हानि होगी.


कुमार ने यह बात तब की है, जब केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को 1976 के बाद मिले विदेशी चंदे की अब जांच नहीं हो सकेगी बिल को मंजूरी दे दी है. इस संबंध में कानून में संशोधन को लोकसभा ने बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया. लोकसभा ने बुधवार को विपक्षी दलों के विरोध के बीच वित्त विधेयक 2018 में 21 संशोधनों को मंजूरी दे दी. उनमें से एक संशोधन विदेशी चंदा नियमन कानून, 2010 से संबंधित था. यह कानून विदेशी कंपनियों को राजनीतिक दलों को चंदा देने से रोकता है. जन प्रतिनिधित्व कानून, जिसमें चुनाव के बारे में नियम बनाए गए हैं, राजनीतिक दलों को विदेशी चंदा लेने पर रोक लगाता है.


कुमार ने कहा कि बिना बिके-झुके, लोकतंत्र के इस तथाकथित मंदिर में शायद कोई आया ही नहीं है सो अंदर ही अंदर बने, इस निहायत बेशर्म क़ानून के ख़िलाफ़,कोई बोलेगा भी नहीं ! दरबारियों के चमचाच्छादित अदृश्य कपड़े पहने हर राजा नंगा है. पक्ष-विपक्ष-निरपेक्ष, कोउ नृर होय हमेंई हानि होगी . इस राजनैतिक दलों को नहीं. इनके तो दिल में पलता ही कुछ और है और दीखता ही कुछ और है.



कुमार ने कहा कि मूँगफली बेचने से हुई कमाई तक को आधार से जुडवाओगे पर अपनी-अपनी पार्टियों के देसी-विदेशी चंदे को जाँच से बचाओगे ? और कमाल ये कि ये सब छद्म करके भी क्रमश: राष्ट्रवादी, ईमानदार और धर्मनिरपेक्ष कहलाओगे . वाह रे शर्मनिरपेक्ष रहनुमाओं और इनके कर्मनिरपेक्ष भक्तो.



कुमार ने अपनी नारजगी जाहिर इन मामलों पर इस बार ही नहीं कई बार की. जिसका चलते उनकी खुद की पार्टी भी उनसे नाराज हो गई. कुमार ने केजरीवाल को कई बार आगाह भी किया कि हमतो देश की राजनीत बदलने आये थे. अब तो हम खुद ही अपने को बदलने लगे आखिर क्यों?

Tags:    
Share it
Top