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भारत के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई ने राष्ट्रपति भवन में ली शपथ

जस्टिस रंजन गोगोई आज देश के 46वें चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली।

 Special Coverage News |  3 Oct 2018 5:30 AM GMT  |  दिल्ली

भारत के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई ने राष्ट्रपति भवन में ली शपथ
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नई दिल्ली : जस्टिस रंजन गोगोई आज देश के 46वें चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पद की शपथ दिलाएंगे। आज वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद गोगोई बतौर मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदभार संभालेंगे। नवंबर 2019 तक उनका कार्यकाल रहेगा। जस्टिस गोगोई इस पद पर पहुंचने वाले पूर्वोत्तर भारत के पहले मुख्य न्‍यायाधीश होंगे।

कौन हैं रंजन गोगोई ?

- जस्टिस रंजन गोगोई असम से ताल्लुक रखते हैं

- जस्टिस गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को हुआ

- जस्टिस गोगोई ने 1978 में वकालत शुरू की

- 2001 को गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बने

- 2011 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने

- 2012 में जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट के जज बने

- जस्टिस गोगोई समेत SC के 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी

- 4 जजों ने 12 जनवरी 2018 को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सवाल उठाए थे

- सुप्रीम कोर्ट की स्वतंत्रता पर उन्होंने भी सवाल उठाए थे

- रंजन गोगोई को मुखर जज माना जाता है

जस्टिस रंजन गोगोई के महत्वपूर्ण फैसले...

- सौम्या मर्डर केस में उन्होंने ब्लॉग लिखने वाले जस्टिस काटजू को अदालत में बुला लिया था

- पूर्व चीफ जस्टिस पी सदाशिवम, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने ही ईवीएम और बैलेट पेपर में नोटा का विकल्प देने का आदेश दिया था

- सीजेआई के कामकाज पर उठाए थे सवाल

- सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों में जस्टिस गोगोई को सबसे मुखर जज माना जाता है

-पिछले दिनों पूर्व जस्टिस जे चेलामेश्वर, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ़ के साथ जस्टिस रंजन गोगोई ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर सबको चौंका दिया था

- सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था। चारों जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े किए थे। इनका आरोप था कि सुप्रीम कोर्ट के संवेदनशील मामलों को चुनिंदा जजों के पास भेजा जा रहा है और ये लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है

- हालांकि, किसी भी जज ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में 'बेंच फ़िक्सिंग' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। लेकिन उनकी बात का मतलब यही निकाला गया था।

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