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उन्नाव गेंगरेप मामला: अब विधायक कुलदीप सेंगर का ऑडियो हुआ वायरल, फिर मची खलबली

 शिव कुमार मिश्र |  2018-04-10 13:11:26.0  |  उन्नाव

उन्नाव गेंगरेप मामला: अब विधायक कुलदीप सेंगर का ऑडियो हुआ वायरल, फिर मची खलबली

यूपी बांगरमऊ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगा तो सियासी हड़कंप मच गया। सफाई देने के लिए विधायक सामने भी आए लेकिन सवालों के घेरों में वह उलझ गए। मिडिया ने उनके भाई अतुल सिंह सेंगर पर लगे आरोपों के बारे में सवाल किया तो विधायक सेंगर बचते हुए नजर आए और अपनी राजनीति का उद्देश्य बताने लगे।

इस पूरे मामले में पीड़िता के चाचा और विधायक के बीच बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हुआ है। इसके साथ ही एक विडियो भी जोर-शोर से सोशल ग्रुप्स पर शेयर हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर पीड़ित के पिता से कुछ दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया जा रहा है। विडियो और ऑडियो वायरल होने के बाद आरोपी विधायक की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। यही नहीं, इस पूरे मामले को लेकर योगी सरकार पर भी विपक्षी दलों ने हमले शुरू कर दिए।




पीड़िता के चाचा: गांव में यह क्या करवा रहे थे नेता जी, यह तो ठीक का नहीं है, मरवाना, पिटवाना बच्चों को, पप्पू को, यह सब अच्छी बात नहीं है।

कुलदीप सिंह सेंगर: हमें तुम धमकी दे रहे हो, बेटा।

पीड़िता के चाचा: दे नहीं रहे हैं, आपकी सेवा की है इसलिए आपको बता रहा हूं।

कुलदीप सिंह सेंगर: हमारी सेवा की है तो हमारी सेवा में रहना चाहिए, हमारे खिलाफ ऐप्लीकेशन क्यों देते हो

पीड़िता के चाचा: मैं आपके खिलाफ कुछ नहीं कर रहा था।

कुलदीप सिंह सेंगर: हमारे खिलाफ पर्चा क्यों छपवाते हो

पीड़िता के चाचा:

मैंने नहीं छपवाया, यह आप पता करो लेकिन हमने नहीं छपवाया।

कुलदीप सिंह सेंगर: तुम बताओगे हम किससे पता करें।

पीड़िता के चाचा: मेरे वॉट्सऐप पर आया और मैंने इसे फॉरवर्ड किया बस इतना गुनहगार हूं, एक औलाद है मेरे बताइए कहां खड़े होना है।

कुलदीप सिंह सेंगर: एक बात बताओ कि तू मेरा छोटा भाई है।

पीड़िता के चाचा: हां, हूं।

कुलदीप सिंह सेंगर: छोटा भाई है तो बड़े भाई के खिलाफ पर्चा छपवाना चाहिए।

पीड़िता के चाचा:

मैंने नहीं छपवाया, बताओ मैं कैसे यकीन दिलाऊं, हनुमान तो नहीं कि सीना फाड़ के दिखा सकता।

कुलदीप सिंह सेंगर: अगर तुमने नहीं छपवाया वॉट्सऐप पर 6 महीने से चल रहा है, मैं दोषी हूं किसी में।

पीड़िता के चाचा: मैंने नहीं छपवाया, मैं कह रहा हूं कि मैं किसी चीज में शामिल नहीं हूं।




कुलदीप सिंह सेंगर: तुम नहीं हो तो तुम हमारे पास आओ, ये लोग जो खेल रहे हैं ना, जो लोग भौजाई को बुला लेते हैं रोज ऐप्लीकेशन लिखवाते हैं, इनको सबको मना करो और परिवार के किसी सदस्य को कह दो।

पीड़िता के चाचा: टिंकू का मेरे पास फोन आया था, दद्दू मैंने आपकी बहुत सेवा की है और आपकी बहुत इज्जत की है।

कुलदीप सिंह सेंगर: ....तो क्या अब मेरी इज्जत नहीं करोगे।

पीड़िता के चाचा: आपने जहां मुझे खड़ा किया वहां मैं खड़ा हुआ नंगे पैर।

कुलदीप सिंह सेंगर: एक मिनट मेरी बात सुनो लोग चाहते हैं अब भगवान दुआ से ठीक हुए हो, ये लोग मर जाएं, लड़ाई में सबका नुकसान होता है, हम हमारा-तुम्हारा और सबका। हमने तुमसे यही चीज कही थी ना। तुम हमारे पास आओ, हम तुम मिलकर नया अध्याय शुरू करते हैं।

पीड़िता के पिता: अतुल को क्या जरूरत थी मारने पीटने की।

कुलदीप सिंह सेंगर: अतुल सगे हैं तुम्हारे या कोई और सगा है तुम्हारे। अतुल अपने काम की मेरे सामने गलती मानेंगे। महेश अपने काम की मेरे सामने गलती मानेंगे। हमारा तुम्हारा परिवार एक होकर रहेंगे, अम्मा हमसे कल मिलेंगी और हम उन्हें बैठाकर चाय पिलाएंगे, सबको रोको।

बता दें कि पीड़िता के पिता तीन भाई थे, जिसमें पीड़िता के पिता समेत एक अन्य की मौत हो चुकी है जबकि एक भाई दिल्ली में रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये तीनों भाई भी कुलदीप सिंह सेंगर के माखी गांव के ही रहने वाले हैं।

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