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नोटबंदी से 3 साल का काम 3 महीने में: नंदन नीलेकणि

 Special Coverage News |  26 Nov 2016 12:22 PM GMT  |  New Delhi

नोटबंदी से 3 साल का काम 3 महीने में: नंदन नीलेकणि

नई दिल्ली: यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चैयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा कि नोटबंदी से इकॉनमी के डिजिटाइजेशन और वित्तीय समावेशन में तेजी आएगी। इंडिया लिटफेस्ट के दौरान विचार रखते हुए इंफोसिस के को-फाउंडर ने कहा, 'सिस्टम को दिए गए इस झटके से इकॉनमी तेजी से डिजिटलाइज होगी। नोटबंदी का 'दर्द' कुछ समय तक बना रहेगा, लेकिन अगले 3 महीने में जिस हद तक डिजिटाइजेशन होगा उतना सामान्य तौर पर 3 साल में हो पाता।'

नीलेकणि ने कहा, 'समय की मांग यह है कि सामानों की खरीदारी कैशलेश करें। इस बदलाव के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना पहले से ही उपलब्ध है। लाखों स्मार्टफोन के साथ ही फीचर फोन यूजर्स भी ऑनलाइन पेमेंट के लिए यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPS) का इस्तेमाल कर सकते हैं। फीचर फोन यूजर्स यूपीआई तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं और जिनके पास फोन नहीं है वे माइक्रो एटीएम पर पेमेंट के लिए अपने आधार कार्ड का प्रयोग कर सकते हैं।'

नीलेकणि ने इस बात की उम्मीद जताई कि सरकार माइक्रो एटीएम की संख्या मौजूदा 130,000 से बढ़ाकर 10 लाख करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कैशलेश ट्रांजैक्शन देश से दफ्तरशाही खत्म करेगी। यह पूछने पर कि क्या मोदी सरकार ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाया? उन्होंने कहा, 'मैं खुश हूं कि इसे ना केवल अपनाया गया, बल्कि तेजी दी गई। मेरे लिए सबसे ऊपर है इस प्रॉजेक्ट की सफलता।'

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