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बिना दवाई के स्वस्थ रखें अपनी किडनी, कैसे ?

 आलोक मिश्रा |  2016-11-02 12:25:44.0  |  New delhi

बिना दवाई के स्वस्थ रखें अपनी किडनी, कैसे ?


पूरे संसार में कैंसर और दिल की बीमारी के बाद किडनी की खराबी तीसरी सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी बनती जा रही है। एक अध्ययन के अनुसार किडनी की बीमारी के मरीज काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। दोनों किडनी ख़राब होने के कारण हर साल भारत में लगभग एक लाख किडनी ट्रांसप्लांट करने की जरुरत पड़ रही है।

दी नेशनल फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के एक अध्ययन के अनुसार कई शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था में दवाइयों के अत्यधिक प्रयोग से कोख में ही शिशुओं की किडनी फेल हो रही है।

आखिर क्यों फ़ैल हो रही हैं इतनी ज्यादा मात्रा में किडनी? क्या कोई उपाय ऐसा भी है जिससे हमारी किडनी कभी भी खराब ही न हो? आप सभी जानते ही हैं कि अधिकांश लोगों को अधिकतर एलोपैथिक दवाइयां पूरी तरह पचती नहीं है, जिसके कारण हमारी किडनी को बची हुई दवाइयों को बाहर निकलने में अत्यधिक परेशानी आती है. यही कारण है कि आज बहुत से लोगों की किडनी जल्द ही ख़राब हो जाती है, जबकि भगवान ने एक किडनी की ही जरुरत होने पर भी हमें दो किडनी दी हैं, जबकि शरीर के अधिकाँश आंतरिक अंग एक ही बनाएं हैं।

सच्चाई यह है कि शरीर की एक्सरसाइज की तरह ही हमारी किडनी की भी एक्सरसाइज करना बहुत जरुरी होता है, ताकि वह अपने कुछ कार्य सुचारू रूप से कर सके –

  1. शरीर की शुद्धि का कार्य,

  2. शरीर में जल स्तर बनाये रखने का कार्य

  3. ब्लड प्रेशर मेंटेन करने के लिए हारमोन उत्पादन का कार्य

  4. शरीर से विजातीय और गैर जरुरी तत्वों को बाहर निकालने का कार्य

हमारे स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए ये सब कार्य अत्यंत जरुरी हैं, लेकिन हमारी किडनी की उचित देखभाल का कार्य हमारी भारतीय संस्कृति के संस्कार कर हमें नीरोगी रखते थे लेकिन आज की आधुनिकता में हम अपने संस्कारों को भूल गये हैं। हमारे इन संस्कारों से ही अपने आप किडनी की एक्सरसाइज होती रहती थी। जिन घरों में आज भी ये संस्कार निभाये जाते हैं, उन घरों में आज भी किडनी की समस्या नहीं रहती है। अतः हमारा प्रयत्न यह होना चाहिए कि हमारे परिवार में किसी को भी किडनी ट्रांसप्लांट करने की जरुरत नहीं पड़े।

हमारे ये विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार जिनसे किडनी में संकुचन होता है और उसकी व्यायाम होता है; वे इस तरह के होते हैं -

  1. हमारे माँ-बाप, सभी बड़ो को, बुजुर्गों को सुबह उठते समय और रात को सोते समय झुक कर नमस्कार करना या घुटनों के बल धोक देने की परम्परा।

  2. सुबह-शाम मंदिर में जाकर घुटनों के बल झुक कर भगवान को नमस्कार करने की भावना।

  3. हमारी प्राचीन जमीन पर बैठकर भोजन करने की परम्परा भूल को भूल कर अब हम डाइनिंग टेबल कुर्सी पर भोजन कर रहे हैं।

  4. फ्रेश होने के लिए अब हम टॉयलेट में घुटनों के बल इंडियन सीट पर नहीं बैठते हैं।

  5. बैठ कर बाथरूम करने से भी किडनी में संकुचन होता है, जिससे उसकी एक्सरसाइज होती है।

  6. पहले हमारे घर की महिलायें किचन में बैठ कर खाना बनाती थी, लेकिन अब खड़े होकर रसोई बनती है।

  7. अधिकाँश योग के आसनों से भी किडनी में संकुचन होता है, जिससे उसकी एक्सरसाइज होती है।

  8. आपको पता ही है कि हमारे मुस्लिम भाइयों में रोज नमाज़ अदा करने की परम्परा है। इसमें की जाने वाली सभी मुद्राओं से भी किडनी में संकुचन होता है, जिससे उसकी एक्सरसाइज होती है। इसलिए उनमें नमाज़ को पांच बार अदा करने की परम्परा सदियों पूर्व से स्थापित की गयी है। उनका बैठने का तरीका भी योग का वज्रासन ही है। इससे भी पाचन और किडनी की प्रणाली को सुचारू रखने में मदद मिलती है।

  9. रात्रि को नहीं खाने और जमीकंद नहीं खाने और शाकाहारी भोजन से भी किडनी को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

  10. कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक का प्रयोग बंद कर दें।

  11. शराब पीना व धूम्रपान या तम्बाखू खाने से किडनी पर बहुत बुरा असर होता है, इन्हें भी बंद करें।

  12. खाने में नमक कम करें या सिर्फ सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।

  13. ताजे फल-सब्जी का प्रयोग ज्यादा करें।

  14. मोटापा और ज्यादा वजन न बढ़ने दें।

  15. रक्तचाप और केलोस्ट्रोल को नियंत्रण में रखें।

  16. किसी भी तरह की बीमारी में दर्द या एलर्जी की दवाइयों का प्रयोग न करें।

  17. किसी भी बीमारी के उपचार के लिए एलोपैथी या आयुर्वेदिक कम्पनी की दवाई को लम्बे समय तक लेने से भी किडनी हर हाल में सबसे पहले डेमेज होती है।

अगर आप किसी भी तरह को किडनी की बीमारी से बचना चाहते हैं, या अपनी खराब हो रही किडनी को बचाना चाहते हैं, तो उपरोक्त भारतीय संस्कृति को अपनाएं और किडनी को स्वस्थ बनाइये।

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