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कब्रिस्तान बनाम श्मशान की रिपोर्ट जानकर रह जायेंगे हैरान, देखें वीडियो

 special coverage news |  2017-02-21 09:34:18.0  |  लखनऊ

कब्रिस्तान बनाम श्मशान की रिपोर्ट जानकर रह जायेंगे हैरान, देखें वीडियो

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के चुनावी मैदान में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने जब से कब्रिस्तान और श्मशान को लेकर बयान दिया है तब से विरोधी उन पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं. आपको मालुम है कि पीएम मोदी ने यूपी में रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए और अगर रमजान में बिजली आती है तो दीवाली में भी आनी चाहिए. पीएम के इन दो बयानों पर विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा करते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग भी कर डाली. उस पर सभी जगह हो हल्ला मचा हुआ है, जबकि सच्चाई जानकर आप हैरान रह जायेंगे.

फिर भी हम आपको पीएम के बयान में कितनी सच्चाई है इससे आपको रूबरू कराने का प्रयास करते है. हम आपको बताएंगे की क्या पीएम ने जो बयान दिया वो बेवजह था या उसमें सच्चाई थी. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए 'श्मशान-कब्रिस्तान' के बयान पर हो रही सियासत पर विपक्षी दलों को एक बैठे बिठाये एक चुनावी मुद्दा मिल गया. लेकिन वास्तविकता और आकड़ों कि बात करे तो अखिलेश सरकार ने अल्पसंख्यक मुस्लिमों के कब्रिस्तान के लिए बीते 5 वर्षो में 1 हजार करोड़ से ऊपर की राशि जारी की है और वहीं श्मशान के लिए यह राशि बस नाममात्र की है.


अब आपके सामने पूरे आकड़े बता देते हैं. यूपी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के अपने बजट में अल्पसंख्यकों के कब्रिस्तान के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया था और श्मशानों घाटों के विकास के लिए यह राशि आधी यानि 100 करोड़ थी. इस बार अल्पसंख्यकों के कब्रिस्तान के बाउंड्री वाल के लिए अखिलेश सरकार ने 400 करोड़ का बजट रखा है. पीएम मोदी द्वारा 'श्मशान-कब्रिस्तान' पर दिए गए बयान के बाद आज तक ने एक रिपोर्ट तैयार कि है जिसमें अखिलेश सरकार ने पिछले 5 वर्षों में श्मशान-कब्रिस्तान के लिए कुल कितने पैसे खर्च किये हैं उसका ब्यौरा है. इस रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है की किस तरह अखिलेश सरकार ने पक्षपात करते हुए कब्रिस्तान के लिए हजारों करोड़ का बजट मुहैया कराया है और श्मशानों कि अनदेखी की गई. यूपी में चौथे चरण के चुनाव प्रचार के दौरान सबसे अधिक चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी बयान को लेकर हुई. इस रिपोर्ट को देखकर आप खुद ही जान लें कि अखिलेश सही है पीएम मोदी?


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