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सपा की चाणक्य रणनीति में उलझती बीजेपी, आखिर क्या है असली रणनीती?

 special coverage news |  2017-02-25 04:18:11.0  |  लखनऊ

सपा की चाणक्य रणनीति में उलझती बीजेपी, आखिर क्या है असली रणनीती?

लखनऊ: कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खेमे से आज एक बड़ी खबर निकलकर आयी है. सूत्रों के मुताबिक गठबंधन के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर आखिरी समय में तय कर रहे हैं कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी को बीजेपी के खिलाफ कब, क्या और किस अंदाज में बोलना है.


आपको बता दें कि प्रशांत किशोर प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली की पूरी बात सुनने के बाद अपनी चुनावी पटकथा लिखते हैं.समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के चुनावी चाणक्य प्रशांत किशोर चुनावी पटकथा लिख रहे हैं. पीएम मोदी ने जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव का आरोप जड़ा, अखिलेश यादव ने विकास से जुड़े बिजली का आंकड़ा पेश करके पूरे मामले को सांप्रदायिक रंग नहीं लेने नहीं दिया. राहुल ने कह दिया कि बीजेपी शुरू से बांटने की राजनीति करती है जबकि हम जोड़ने की बात करते हैं . सूत्रों के मुताबिक राहुल और अखिलेश के ऐसे बयान प्रशांत किशोर की रणनीति हिस्सा हैं.


खबर के मुताबिक बीजेपी को अपने चक्रव्यूह में फंसाने के लिए प्रशांत किशोर ने मोटे तौर पर चार रणनीति बनाई है.

पहला-नकारात्मक मुद्दों से बचना

दूसरा-विकास के मुद्दे को जोरशोर से उठाना

तीसरा-अखिलेश-राहुल को केंद्र में रखनाऔर

चौथा-बीजेपी नेताओं पर चुटीले अंदाज का प्रहार करना

यूपी की पॉलिटिक्स में जिस गदहपचीसी पर जमकर चर्चा हो रही है, उसमें अखिलेश का अंदाज इतना चुटीला था कि पीएम मोदी को अखिलेश के अखाड़े में उतरकर गधा पुराण का जाप करना पड़ा. अमित शाह के कसाब वाले बयान पर अखिलेश ने जो जवाब दिया, वो भी प्रशांत किशोर की रणनीति का ही हिस्सा था.


अमित शाह ने विरोधियों पर हमले के लिए एक दुर्दांत आतंकवादी कसाब का जिक्र किया, अखिलेश ने कबूतर, कंप्यूटर, साइकिल का जिक्र किया . सूत्रों के मुताबिक यही है प्रशांत किशोर की रणनीति का मूल मंत्र-कोई कुछ भी बोले लेकिन आपको केवल और केवल विकास के मुद्दे को उठाकर उसका जवाब देना है .

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