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बलूचिस्तान में आतंकवाद की असली बजह भारत, यही सुनना बाकी था!

 Special Coverage News |  2016-08-29 07:58:49.0  |  बलूचिस्तान

बलूचिस्तान में आतंकवाद की असली बजह भारत, यही सुनना बाकी था!

बलूचिस्तान
15 अगस्त को बलूचिस्तान के लिए आवाज उठाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी को तगड़ा झटका लगा है। यह झटका खुद बलूचिस्तान ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके दिया है। पाकिस्तान के डॉन अखबार के मुताबिक बलूचिस्तान विधानसभा में शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। बलूचिस्तान के नेताओं ने खुद पीएम मोदी से आजादी दिलाने की मांग की है। जबकि वहां की कई महिला नेता पीएम मोदी को अपना भाई मानती हैं। सर्वसम्मति से पास यह प्रस्ताव पीएम मोदी के 15 अगस्त को दिए उस बयान के खिलाफ था, जिसमें बलूचिस्तान की आजादी की बात कही गई थी।

विधानसभा में यह प्रस्ताव पीएमएल-एन के नेता मोहम्मद खान लहरी ने पेश किया। इसके बाद पख्‍तूनवा मिली अवामी पार्टी, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम समेत सभी दलों ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी। बलूचिस्तान के मुख्‍यमंत्री नवाब सनाउल्लाह जेहरी समेत सभी नेताओं ने प्रस्ताव पर दस्तखत भी किए।
इस प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय पीएम के बलूचिस्तान पर दिए बयान से साफ है कि यहां आतंकवाद की असल वजह भारत है। भारत ही बलूचिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। बलूचिस्तान के मुख्‍यमंत्री नवाब सनाउल्लाह जेहरी ने प्रस्ताव पर कहा कि भारत के पीएम ने पाकिस्तान की संप्रभुता के खिलाफ बयान दिया और यूनाइटेड नेशंस चार्टर के नियमों का उल्लंघन किया है।

सदन ने एकमत से कहा कि भारत की इस नीति की पोल दुनिया के सामने खोली जाए। गृहमंत्री सरफराज बग्ती ने कहा कि मोदी का यह बयान दुनिया का ध्‍यान पाक अधिकृत कश्‍मीर से हटाने के लिए है।

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