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सूख गया दुनिया का चौथा सबसे बड़ा सागर, जहाजों को नहीं मिला आगे का रास्ता

 Special Coverage News |  2016-09-05 07:10:51.0  |  Astana

सूख गया दुनिया का चौथा सबसे बड़ा सागर, जहाजों को नहीं मिला आगे का रास्ता

अस्ताना: दुनिया का चौथा सबसे बड़ा सागर सूख गया है, इसका नासा ने एक वीडियो भी तैयार किया है। दरअशल में, कजाखस्तान और उत्तरी उज्बेकिस्तान के बीच मौजूद अरल सागर बूरी तरह सूख गया है। अरल सागर बीते 50 साल में लगभग 90 फीसदी हिस्सा सूख चुका है। दुनिया का चौथा सबसे बड़ा सागर यानी अरल सागर को आईलैंड्स का सागर कहा जाता था, क्योंकि उस दौर में इस सागर में 1,534 आईलैंड हुआ करते थे।

अरल सागर के सूखने की घटना को दुनिया की सबसे बड़ी पर्यावरण त्रासदी में से एक माना जा रहा है। 1960 से सागर से सूखने का सिलसिला शुरू हुआ और 1997 तक अरल सागर चार लेक में बंट गया था। इसे उत्तरी अरल सागर, पूर्व बेसिन, पश्चिम बेसिन और सबसे बड़े हिस्से दक्षिणी अरल सागर के नाम दिया गया। 2009 तक सागर का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा पूरी तरह से सूख में गया और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सा पतली पट्टी में तब्दील हो गया।


अरल सागर के इलाके में खड़े जहाज। कभी ये हिस्सा सागर के पानी से लबालब भरा होता था।

अरल सागर के सूखने से सबसे ज्यादा नुकसान यहां की फिशिंग इंडस्ट्री को हुआ। फिशिंग इंडस्ट्री पूरी तरह से खत्म हो गई, जिसके चलते बेरोजगारी और इकोनॉमिक क्राइसिस का दौर शुरू हो गया। पानी सूखने के चलते पॉल्यूशन बढ़ा है और अरल सागर के इलाके में रह रहे लोगों को सेहत से जुड़ी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। मौसम पर भी इसका जबरदस्त असर पड़ा है। गर्मी हो या सर्दी, दोनों ही कहर बरपा रही है।
आपको बता दें कि इस सागर के सूखने की शुरूआत सोवियत संघ के दौरान हुई थी। 1960 में सोवियत संघ के एक प्रोजेक्ट के लिए नदियों का बहाव मोड़ा गया था, जिसके बाद से ही इस सागर के सूखने का सिलसिला जारी है। हालांकि अरल सागर को भरन के लिए कजाखस्तान का डैम प्रोजेक्ट 2005 में बन गया था, जिसके बाद 2008 में सागर में पानी उतारा गया। पानी का स्तर तो बढ़ा लेकिन इन सबके बावजूद भी यह सागर सूखे की मार को नहीं झेल पाया।

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