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लद्दाख में घुसे चीनी सैनिक ,भारतीय फ़ौज ने खदेड़ा ,सीमा पर ग्लोबमास्टर जेट तैनात

 आलोक मिश्रा |  4 Nov 2016 8:24 AM GMT  |  New delhi

लद्दाख में घुसे चीनी सैनिक ,भारतीय फ़ौज ने खदेड़ा ,सीमा पर ग्लोबमास्टर जेट तैनात

(एलएसी) पर देमचोक क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच एक निर्माण कार्य को लेकर बुधवार से गतिरोध बना हुआ है. यह गतिरोध तब पैदा हुआ जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय इंजीनियरों द्वारा मनरेगा के तहत किए जा रहे एक निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई.

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, आईटीबीपी और आर्मी के जवान वहां पहुंचे और उन्होंने चीनी सैनिकों को भारतीय क्षेत्र में और अंदर आने से रोका. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को पार करके भारत में घुसे. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन डेमचोक एरिया में एक नहर तैयार कर रहा था ताकि एक हॉट स्प्रिंग का पानी एक गांव में पहुंचाया जा सके. यह काम ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत हो रहा था.

डेमचोक एरिया वहीं जगह जहां इससे पहले भी चीनी सैनिकों ने घुसपैठ किया था. आर्मी के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि कोई चीनी घुसपैठ नहीं हुआ है, कंस्ट्रक्शन के मुद्दे को लेकर बॉर्डर पर्सनल मीटिंग और फ्लैग मीटिंग की जा रही है.
सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने बैनर लगा दिए हैं और वे वहां डटे हुए हैं.सेना तथा आईटीबीपी के जवान चीनी सैनिकों को 'एक इंच आगे' नहीं बढ़ने दे रहे हैं. पीएलए दावा कर रही है कि यह क्षेत्र चीन का है. इस क्षेत्र में 2014 में भी ऐसी ही घटना हुयी थी जब मनरेगा योजना के तहत निलुंग नाला पर सिंचाई नहर बनाने का फैसला किया गया था. वह चीन के साथ विवाद का कारण रहा है.

पीएलए ने भारतीय कार्रवाई के विरोध में चार्डिंग-निलुंग नाला (सीएनएन) ट्रैक जंक्शन में तंबू गाड़ने के लिये ताशिगोंग के ग्रामीणों को भेज दिया था. इस बीच, दिल्ली में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जोर दिया कि यह मामला कोई गतिरोध नहीं है और स्थापित प्रक्रिया के जरिए मुद्दे का हल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष से ऐसी आपत्तियां असामान्य नहीं हैं और इस तरह की स्थिति को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल किया जाता है.

इस सबके बीच भारतीय वायुसेना ने सतर्कता दिखाते हुए चीनी बार्डर से 30 किलोमीटर की दूरी पर अपना सबसे बड़ा मिलिट्री प्लेन उतारा है.



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