Top
Home > Archived > मनोहर पार्रिकर ने ममता बनर्जी को लिखी चिट्ठी, आर्मी को विवादों में घसीटने से दुखी हूं

मनोहर पार्रिकर ने ममता बनर्जी को लिखी चिट्ठी, 'आर्मी को विवादों में घसीटने से दुखी हूं'

 Arun Mishra |  9 Dec 2016 6:50 AM GMT  |  नई दिल्ली

मनोहर पार्रिकर ने ममता बनर्जी को लिखी चिट्ठी, आर्मी को विवादों में घसीटने से दुखी हूं

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी है। पर्रिकर ने चिट्ठी में लिखा है- मुझे इस बात का दुख है कि आर्मी को राजनीति में जिस तरह से खींचा गया है ममता बनर्जी के द्वारा वह ठीक नहीं था। आपको बता दें पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में बीते दिनों टोल प्लाजा पर सैन्‍य अभ्‍यास के तहत सेना की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ था।

पार्रिकर ने इसमें कहा है कि सेना के नाम विवाद में आने पर दुख पहुंचा है। सेना को बेवजह विवादों में घसीटा गया और इससे उन्‍हें दुख हुआ। सेना को राजनीति में घसीटना ठीक नहीं है। चिट्ठी में उन्‍होंने लिखा कि आपने ने जो सवाल उठाए थे आर्मी डिप्लॉयमेंट को लेकर वह ठीक नहीं है। आर्मी को राजनीति में नहीं खींचना चाहिए यह एक रूटीन एक्सरसाइज थी। सेना पर सियासत ठीक नहीं है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में आपकी ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर सैन्यबलों के मनोबल पर प्रतिकूल असर होने का खतरा है। सार्वजनिक जीवन का अनुभव रखने वाले आपके जैसे कद के व्यक्ति से ऐसी उम्मीद नहीं थी। केंद्र के नोटबंदी के कदम का विरोध करने वाली ममता ने केंद्र पर आरोप लगाया था कि उसने पश्चिम बंगाल के टोल प्लाजा पर राज्य सरकार को सूचित किए बिना ही सेना तैनात कर दी थी। बता दें कि मनोहर पार्रिकर ने बीते दिनों ममता के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि यह नियमित अभ्‍यास था। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सेना को 'अनावश्यक विवाद' में घसीटा जा रहा है।

गौरतलब है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिनों टोल प्लाजा पर सेना की मौजदूगी को लेकर अपनी नाराजगी जतायी थी और यह कहा था कि केंद्र हमें दबाने की कोशिश कर रहा है और बिना राज्य सरकार को सूचित किये सेना की प्रदेश में तैनाती की गयी है।

सेना ने आरोपों को किया था खारिज
हालांकि, बाद में सेना ने तमाम दस्तावेजों के हवाले से साबित किया कि ये सेना की एक रुटीन एक्सरसाइज थी और आपात स्थिति के लिए समय-समय पर भारी वाहनों की सैन्य साजोसामान ले जाने की क्षमता का परीक्षण किया जाता रहा है। सेना ने दस्तावेज दिखाकर कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस को इस बारे में पहले से सूचना दी गई थी और आरोप बेबुनियाद हैं।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it