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अब दिखेगा पाकिस्तान के खिलाफ पीएम का गुस्सा, जब पाकिस्तानी मरेंगे प्यासे!

 Special Coverage News |  2016-12-24 08:56:43.0  |  New Delhi

अब दिखेगा पाकिस्तान के खिलाफ पीएम का गुस्सा, जब पाकिस्तानी मरेंगे प्यासे!

नई दिल्ली: भारत अब पाकिस्तान पर सिन्धु नदी जल समझौता का नाजायज उठा रहे फायदे पर शिकंजा कसने जा रहा है. एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक सरकार ने इस पर सख्त कदम उठाने का मन बना लिया. खबर के मुताबिक 23 दिसंबर 2016 को इस मामले पर पीएम के प्रमुख सचिव निर्पेंद्र मिश्र किआ अध्यक्षता में एक मीटिं हुई.


खबर के अनुसार बैठक में जम्मू और कश्मीर के हाइड्रो पावर प्रॉजेक्ट्स के काम में तेजी लाने और समझौते के तहत पाकिस्तान द्वारा नियंत्रित घाटी की पश्चिमी क्षेत्र की तीन नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी को स्टोर करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने जैसे जरूरी मुद्दों पर बातचीत की गई.इस मामले में पजाब की भूमिका भी इस काम में अहम मानी जा रही है. सिंधु घाटी की तीन और महत्वपूर्ण नदियां रावी, सतलुज और व्यास पंजाब में बहती हैं. भारत इस समझौते का अपने पक्ष में बेहतर तरीके लाभ उठाने के प्रयास कर रहा है.


इस पहली मीटिंग का मकसद दोनों राज्य (जम्मू और कश्मीर और पंजाब) में चल रहे नदी से जुड़े प्रॉजेक्ट्स के काम में तेजी लाने का था जिससे की सिंधु नदी संमझौते का भारत ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सके. खबर के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा कि दोनों राज्य को अपने क्षेत्र में हो रहे ग्राउंड वर्क की रिपोर्ट जनवरी में होने जा रही टास्क फोर्स की मीटिंग में रखने को कहा है. सिंधु जल समझौता (1960) पर दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे जिसके तहत दोनों देश सिंधु घाटी की 6 नदियां का इस्तेमाल करते हैं.


समझौते के तहत पश्चिमी क्षेत्र की नदियों पर पाकिस्तान का नियंत्रण है लेकिन भारत को भी इनके पानी का अलग-अलग कामों के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार है. भारत ने अभी तक इन नदियों के पानी को स्टोर करने या समझौते के तहत अपने कोटे के हिसाब से उसके पानी का पूरी तरह स इस्तेमाल नहीं किया है. बैठक में पंजाब के सचिवों के प्रमुख, एनएसए अजीत डोवाल, विदेश सचिव एस जयशंकर, वित्त सचिव अशोक लवासा और जल संसाधन विभाग के सचिव शशि शेखर भी मौजूद थे.

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