Home > 18 महीने बाद ISIS के चंगुल से छूटे डॉक्टर ने सुनाई आप बीती, मोदी सरकार को कहा 'शुक्रिया'

18 महीने बाद ISIS के चंगुल से छूटे डॉक्टर ने सुनाई आप बीती, मोदी सरकार को कहा 'शुक्रिया'

 Arun Mishra |  2017-02-26 05:24:09.0  |  नई दिल्ली

18 महीने बाद ISIS के चंगुल से छूटे डॉक्टर ने सुनाई आप बीती, मोदी सरकार को कहा शुक्रिया

नई दिल्ली : लीबिया के आंतकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के 18 महीने बंधक रहे डॉ. राममूर्ति कोसानम शनिवार सुबह भारत लौटे। राममूर्ति को भारतीय अधिकारियों ने 21 फरवरी को आईएस की गिऱफ्त से छुड़ाया था। डॉ. राममूर्ति ने आगे कहा- " रिहाई और भारत सरकार की कोशिशों के लिए मैं प्रधानमंत्री, एनएसए, सुषमा स्वराज और दूसरे अफसरों को थैंक्स कहना चाहूंगा। इन सभी की कोशिशों से मैं घर लौट सका। मैं कभी नहीं भूल सकता।"

आतंकियों की पकड़ से छूटे डॉक्टर राममूर्ति ने आप बीती बताई कि उन्होंने का कि 10 दिन के भीतर उन्हें 3 बार गोली मारी गई। ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर जबरदस्ती सर्जरी करने के लिए फोर्स किया गया। हालांकि उन्होनें कभी कोई सर्जरी और मरहमपट्टी नहीं की। एक घायल लड़ाके को कुछ दवाइयां बताई थी, जिससे उसे आराम मिला था। उसके बाद से वह फील्ड अस्पतालों में दवाइयों की सलाह देने के लिए रखे जाते थे।

डॉक्टर राममूर्ति ने बताया कि 'रमजान के समय कुछ आईएसआईएस के आतंकियों ने मुझसे मदद मांगी। मेरे इनकार करने पर वह जबरदस्ती मुझे उठाकर ले गए।
मुझे सबसे पहले सिरटे शहर की जेल पहले ले जाया गया था। इसके बाद वे पता नहीं क्यों मुझे एक अंडरग्राउंड जेल में ले गए।

राममूर्ति ने बताया कि आईएस के लड़ाके पढ़े-लिखे और भारत के बारे में अच्छे जानकार थे। उन्होनें बताया कि आईएस ने इराक, सीरिया, नाइजीरिया और अन्य जगहों के लोगों के साथ जो किया उसके वीडियो दिखाए। इन वीडियों को देखना भयावह था। भारतीय के अलावा वहां तुर्की, कोरिया और अन्य देशों के लोग भी मिले। हमको डर था कि हमारे साथ भी ऐसा ही होगा।

संगठन ने इस्लाम और पांच समय की नमाज पढ़ना सिखाया। नमाज पढ़ने से पहले कैसे सफाई करते है ये भी सिखाया गया। हिंदू होने के बावजूद डॉ. राममूर्ति नमाज और इस्लाम के सारे नियम मानने को मजबूर थे। आईएसआईएस के चंगुल से छूटने के बाद डॉक्टर राममूर्ति ने अपने जख्म दिखाए।


Tags:    
Share it
Top