Home > Archived > PM मोदी की आलोचना करने वाले अमर्त्य सेन को नालंदा विश्वविद्यालय के बोर्ड में नहीं मिली जगह

PM मोदी की आलोचना करने वाले अमर्त्य सेन को नालंदा विश्वविद्यालय के बोर्ड में नहीं मिली जगह

 Special Coverage News |  23 Nov 2016 10:23 AM GMT  |  नई दिल्ली

PM मोदी की आलोचना करने वाले अमर्त्य सेन को नालंदा विश्वविद्यालय के बोर्ड में नहीं मिली जगह

नई दिल्ली : पीएम नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को नालंदा यूनिवर्सिटी के बोर्ड में जगह नहीं दी गई है। सेन नालंदा विश्वविश्वद्यालय के कुलाधिपति के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के खिलाफ काफी आलोचना की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना के बाद फरवरी, 2015 में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद वह गवर्निंग बॉडी के सदस्य रहे। अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, उन्हें वर्ष 2007 में डॉ मनमोहन सिंह सरकार द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय का पुनः प्रवर्तन करने के बाद नालंदा मेंटर ग्रुप (एनएमजी) का सदस्य बनाया गया था। अखबार के मुताबिक, नये बोर्ड में सेन के अलावा हॉवर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर और टीएमसी सांसद सुगता बोस और यूके के अर्थशास्त्री मेघनाद देसाई को भी जगह नहीं मिली है।

इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि विश्वविद्यालय में नये बोर्ड का गठन कर दिया गया है। नये बोर्ड में कुलाधिपति, उप कुलपति और पांच सदस्य होंगे। ये पांच सदस्य भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, लाउस पीडीआर और थाईलैंड के होंगे।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it
Top