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खादी के कैलेंडर में पीएम मोदी की लगी तस्वीर, 'महात्मा गांधी' गायब - मचा बवाल!

 Arun Mishra |  2017-01-13 06:48:58.0  |  नई दिल्ली

खादी के कैलेंडर में पीएम मोदी की लगी तस्वीर, महात्मा गांधी गायब - मचा बवाल!

नई दिल्ली : खादी ग्रामोद्योग की तरफ से जारी किए जाने वाले सालाना कैलेंडर में हर बार तो गांधी जी की तस्वीर छपती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। कैलेंडर में से महात्मा गांधी जी गायब हैं और उनकी जगह पीएम मोदी की तस्वीर लगाई गई है। महात्मा गांधी की जगह कैलेंडर में छपी तस्वीर में पीएम मोदी चरखा चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दोनों तस्वीरों में थोड़ा फर्क है। लोगों के दिलो-दिमाग में बसी खादी बुनते हुए गांधीजी की ऐतिहासिक तस्वीर का चरखा सामान्य सा दिखता है। इसी के पास बैठकर गांधीजी अपने आधे खुले, आधे बंद शरीर के साथ चरखा चलाते देखे जा सकते हैं। मोदी का चरखा, गांधीजी वाले चरखे के मुकाबले में थोड़ा आधुनिक है और खुद मोदी अपने लकदक कुतार्-पायजामा और सदरी में नजर आ रहे हैं।

केवीआईसी के कर्मचारी हालात की इस नई तस्वीर से हतप्रभ हैं। सरकारी कर्मचारी होने की वजह से खुलकर उन्होंने कुछ नहीं कहा लेकिन आज (गुरुवार को) भोजनावकाश के समय उन्होंने कुछ खाया-पिया नहीं। खामोशी से अपना विरोध जताने के लिए वे विले पालेर् स्थित आयोग के मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास मुंह पर काली पट्टी बांधकर आधे घंटे तक बैठे रहे।

केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना से इस बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह कोई 'असामान्य बात' नहीं है। अतीत में भी ऐसे बदलाव हो चुके हैं। सक्सेना ने आईएएनएस से कहा, 'पूरा खादी उद्योग ही गांधीजी के दर्शन, विचार और आदर्श पर आधारित है। वह केवीआईसी की आत्मा हैं। उनकी अनदेखी करने का तो सवाल ही नहीं उठता।' उन्होंने जोड़ा कि नरेंद्र मोदी लंबे समय से खादी पहन रहे हैं। उन्होंने खादी को आम लोगों ही नहीं, विदेशी हस्तियों के बीच भी लोकप्रिय किया है। उन्होंने खादी को पहनने की अपनी अलग स्टाइल विकसित की है।

सोशल मीडिया पर इसे लेकर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लोगों ने शुक्रवार को #चरखा_चोर_मोदी हैशटैग के तहत पीएम पर 'चरखा हाईजैक करने' का आरोप मढ़ा। एक यूजर ने गांधी और मोदी की तस्‍वीरें शेयर करते हुए पहले को 'राष्‍ट्रपिता' तो दूसरे को 'भाषण का बाप' बताया। कई यूजर्स ने खादी और गांधी को अलग-अलग करने पर गुस्‍सा जाहिर किया है।

वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से जारी कैलेंडर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाए जाने पर इसकी कड़ी आलोचना की है। अरविंद केजरीवाल ने कहा-चरखा कातने की ऐक्टिंग करने से कोई गांधी नहीं बन जाता, बल्कि उपहास का पात्र बनता।' 'गांधी बनने के लिए कई जन्मों की तपस्या करनी पड़ती है।

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