Home > तेलंगाना सरकार का फरमान, शादीशुदा लडकियों का नहीं होगा एडमिशन, कुंवारी लडकियों का ही होगा दाखिला!

तेलंगाना सरकार का फरमान, शादीशुदा लडकियों का नहीं होगा एडमिशन, कुंवारी लडकियों का ही होगा दाखिला!

 शिव कुमार मिश्र |  2017-03-02 05:28:03.0  |  नई दिल्ली

तेलंगाना सरकार का फरमान, शादीशुदा लडकियों का नहीं होगा एडमिशन, कुंवारी लडकियों का ही होगा दाखिला!

हैदरावाद: गर्ल्स कॉलेजों और स्कूलों में केवह लड़कियां और महिलाएं ही पढ़ सकती हैं लेकिन तेलंगाना में तो इसे लेकर भी कुछ नियम हैं. दरअसल यहां के महिला कॉलेजों में सिर्फ कुंवारी लड़कियों को ही एडमिशन दिया जा रही है शादीशुदा महिलाओं को नहीं. इसके पीछे तर्क यह है कि शादीशुदा महिलाओं की वजह से कुंवारी लड़कियों का ध्यान भटकता है.


तेलंगाना सरकार ने कहा है कि सिर्फ अविवाहित महिला कैंडिडेट ही कॉलेजों में एडमिशन ले सकती हैं. एक नोटिफिकेशन के जरिए सरकार ने सोशल वेलफेयर रेजिडेंशियल वुमेन डिग्री कॉलेजों के अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए यह बात कही है. इन कोर्स में बीए, बी कॉम, बीएससी शामिल है.सरकार का मानना है कि शादीशुदा महिला कॉलेजों में भटकाव पैदा करती हैं. टीओई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अजीबोगरीब नियम पिछले एक साल से लागू है. 23 आवासीय कॉलेजों के करीब 4 हजार सीटों पर एडमिशन इस नियम से होता है. इन कॉलेजों में महिला कैंडिडेट को सभी चीजें मुफ्त दी जाती हैं.


तेलंगाना समाज कल्याण आवासीय शिक्षण संस्थान सोसायटी द्वारा हाल ही में एडमिशन के लिए जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन कॉलेजों में बीए, बीकॉम और बीएससी फर्स्ट ईयर में प्रवेश के लिए गैर शादीशुदा लड़कियों के आवेदन आमंत्रित हैं. इस पर सफाई देते हुए संस्था के कंटेट मैनेजर बी वेंकट राजू ने कहा है कि इसके पीछ जो मकसद है वो यह है कि शादीशुदा महिलाएं अगर इन कॉलेजों में पढ़ेंगी तो उनसे मिलने के लिए हफ्ते, पंद्रह दिन या महीने में उनके पति के आने की संभावना रहेगी और ऐसे में इसके चलते वहां पढ़ने वाली कुंवारी लड़कियों का ध्यान भटकने की संभावना रहेगी.

Tags:    
Share it
Top