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गतिरोध पैदा करके संसदीय स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए- प्रणब मुखर्जी

 Special Coverage News |  8 Dec 2016 10:18 AM GMT  |  New Delhi

गतिरोध पैदा करके संसदीय स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए- प्रणब मुखर्जी

नई दिल्ली: नोटबंदी पर संसद में हंगामे को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा संसद में गतिरोध को किसी भी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता। नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता। मैं किसी खास व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाना चाहता लेकिन संसद में गतिरोध पैदा करना एक चलन बन चुका है। गतिरोध पैदा करके संसदीय स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा महिला आरक्षण विधेयक लंबे वक्त से पेडिंग है और असेंबली में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। बता दें की आज भी विपक्ष के हंगामे को लेकर लोकसभा की कार्यवाही 9 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।

दरअशल विपक्षी दल के सांसदों ने आज काली पट्टी बांधकर संसद में आये थे और नोटबंदी के एक महीने पूरे होने पर वे मोदी सरकार का विरोध किये। विपक्ष ने लोकसभा में 'प्रधानमंत्री होश में आओ' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाए। संसद परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया।

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