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भारतीय संविधान के दायरे से बाहर नहीं है जम्मू-कश्मीर- सुप्रीम कोर्ट

 Special Coverage News |  2016-12-17 07:03:11.0  |  New Delhi

भारतीय संविधान के दायरे से बाहर नहीं है जम्मू-कश्मीर- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के एक फैसले को खारिज करते हुए अपने एक आदेश में कहा है कि जम्मू-कश्मीर राज्य भारतीय संविधान के दायरे के बाहर नहीं है और उसे भारत के संविधान के बाहर कोई संप्रभुता हासिल नहीं है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कहा था, 'संसद के पास कानून बनाने की पात्रता नहीं है..., अगर ये राज्य से जुड़े हों।' जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने कहा था कि कश्मीर संप्रभु राज्य है।
सुप्रीम कोर्ट
ने इसे खारिज करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के बाहर जम्मू-कश्मीर को कोई भी शक्ति नहीं दी जा सकती है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस कुरियन जोसेफ और रोहिंटन नरीमन की दो सदस्यीय खंडपीठ ने ये फैसला दिया। याचिका पर सुनवाई के बाद दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'यह साफ है कि जम्मू-कश्मीर राज्य के पास भारत के संविधान और उसके अपने संविधान के दायरे के बाहर कोई संप्रभुता नहीं मिली हुई है। जम्मू कश्मीर के लोग पहले भारत के नागरिक हैं इसलिए ये कहना गलत होगा कि कश्मीर के नागरिक शेष देश के राज्यों के नागरिकों से अलग हैं। 1957 में लागू जम्मू-कश्मीर के संविधान की प्रस्तावना के जिक्र में कोर्ट ने यह टिप्पणी की।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस नजरिए को भी खारिज किया, जिसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर का संविधान देश के संविधान के बराबर है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ये परेशान करने वाला है कि जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कश्मीर को एक संप्रभु राज्य बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कश्मीर के लोग पहले भारत के नागरिक हैं।

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