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अचानक हुई मृत्युओं की तुलना उड़ी के शहीदों से किए जाने से घिनौना और कुछ नहीं हो सकता- मीनाक्षी लेखी

 Special Coverage News |  18 Nov 2016 8:32 AM GMT  |  New Delhi

अचानक हुई मृत्युओं की तुलना उड़ी के शहीदों से किए जाने से घिनौना और कुछ नहीं हो सकता- मीनाक्षी लेखी

नई दिल्ली: नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में गुलाब नबी आजाद के दिए बयान के विरोध में लोकसभा में बीजेपी की मीनाक्षी लेखी ने कहा अचानक हुई मृत्युओं की तुलना उड़ी के शहीदों से किए जाने से घिनौना और कुछ नहीं हो सकता। ये लोग आकस्मिक मौतों और शहादत को एक बराबर बता रहे हैं।

संसद में विपक्ष के हंगामे को लेकर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कांग्रेस के लिए आज फैसले का दिन है। उन्हें बताना होगा कि गुलाम नबी आजाद का बयान पर्सनल था या आधिकारिक। कोई नोटबंदी की वजह से हो रही दिक्कतों की तुलना सीमा पार आतंकवाद से कैसे कर सकता है?

वेंकैया नायडू ने कहा हम बहस और चर्चा के लिए तैयार है। आइए बात कीजिए, देश के लोगों को निराश मत कीजिए। कांग्रेस मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है और मुझे लगता है कि वो चर्चा से भाग रहे हैं। हम पहले से ही बहस के लिए तैयार हैं, पता नहीं विपक्ष क्यों हंगामा कर रहा है।

वही बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी गुलाम नबी आजाद के विवादित बयान पर लिखित में माफी की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने भी कहा कि हम नोटबंदी मसले पर चर्चा के लिए तैयार हैं। विपक्ष को ब्लैक मनी पर बहस से भागना नहीं चाहिए। हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए।

बता दें आज संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा हुआ। शोर-शराबे और हंगामे की वजह से अबतक चौथी बार स्थगित हुई है राज्यसभा की कार्यवाही, अब दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी कार्यवाही। वही लोकसभा में भी कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा हुआ। शोर-शराबे और हंगामे की वजह से सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

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