Top
Home > Archived > अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में परचम लहराकर बिहार के साथ देश का नाम किया रौशन, शेखपुरा लौटी खिलाड़ी पूजा का भव्य स्वागत

अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में परचम लहराकर बिहार के साथ देश का नाम किया रौशन, शेखपुरा लौटी खिलाड़ी पूजा का भव्य स्वागत

 Special Coverage News |  25 Nov 2016 8:47 AM GMT  |  New Delhi

अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में परचम लहराकर बिहार के साथ देश का नाम किया रौशन, शेखपुरा लौटी खिलाड़ी पूजा का भव्य स्वागत

शेखपुरा.ललन कुमार: एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में परचम लहराकर शेखपुरा वापस लौटी खिलाड़ी पूजा कुमारी का भव्य स्वागत जिला प्रशासन द्वारा किया गया।

गौरतलब है कि अब तक नेशनल चैंपियनशिप में12 स्वर्ण 2 सिल्वर तथा एक कांस्य पदक जीतने वाली शेखपूरा की पूजा दो बार वर्ल्ड जूनियर ताइक्वांडो चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं ,हलाकि अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में पूजा अबतक जीत हासिल करने में तो सफल नहीं हो सकी. परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शेखपुरा को खेल के क्षेत्र में पहचान दिलाने में अपनी भूमिका निभाने में सफल रही है.

गौरतलब है कि अब तक 9 बार मुख्यमंत्री से सम्मानित होने वाली खिलाडी पूजा ने इस बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट तो नहीं दिखी परंतु शेखपुरा जैसे छोटे शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना ही एक बड़ी बात है, एवं जिले के लोगों को उस पर नाज है. गौरतलब है कि इससे पहले भी 17 वर्षीय खिलाड़ी पूजा 2014 में ताइवान के चाइनीज ताइपे में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में हिस्सा ले चुकी हैं। मौके पर पूजा ने कहा कि इंडिया के लिए ओलंपिक खेल खेलना उसका लक्ष्य है तथा इसके लिए वह अपनी कड़ी मेहनत जारी रखेगी।


वहीं सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा अनदेखी पर ताइक्वांडो खिलाड़ी पूजा ने नाराजगी जताई। खिलाड़ियों के ट्रेनिंग पर अनदेखी से खेल प्रेमियों में भी पनपने लगी है नाराजगी प्रतिभावान खिलाड़ियों की प्रतिभाएं अगर दम तोड़ती है तो इसके लिए कहीं न कहीं जिला प्रशासन एवं सरकार भी दोषी हैं। प्रतिभा की धनी खिलाड़ियों को अगर अभ्यास को लेकर भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़े तो फिर व्यवस्था पर सवालिया निशान खडा किया जाना लाजमी है।


सरकार एवम जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों की अनदेखी किए जाने को लेकर ताइक्वांडो खिलाड़ी पूजा ने जहां गहरी नाराजगी जताई है ,वही अन्य खिलाडियों के साथ साथ खेल प्रेमियों में भी नाराजगी पनपने लगी है। अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में हिस्सा ले कर शेखपुरा वापस लौटी पूजा ने कहा कि जिले में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का कोई सिस्टम ही नहीं है जिसके कारण खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के लिए काफी फजिहतों का सामना करना पड़ता है। ना तो उनके पास मैट है और ना ही सरकार अथवा जिला प्रशासन से कोई मदद मिलती है। जिले में एक इनडोर स्टेडियम है भी तो उस पर भी गिने-चुने लोगों का ही कब्जा हमेशा बना रहता है।

जिसका नतीजा है कि खिलाड़ी जवाहर नवोदय विद्यालय के मैदान में किसी प्रकार ट्रेनिंग करने को विवश है और जब बारिश हो जाती है तो वह ट्रेनिंग भी बंद हो जाती है। ऐसे में साल में कई महीने वह इस अभ्यास से भी वंचित हो जाते हैं। जाहिर सी बात है कि शेखपुरा को खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ साथ बिहार को भी गौरवान्वित करने वाले ऐसे खिलाड़ी को जब अभ्यास की सुविधा भी देने में सरकार व प्रशासन जब नाकाम साबित हो जाए तो फिर यह प्रतिभा कहां तक आगे बढ़ सकेगी इसका अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है ।

स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it