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डीटीसी ने कराया करोडो का कालाधन सफ़ेद ,एसीबी करेगी जांच

 alok mishra |  30 Nov 2016 9:53 AM GMT  |  New delhi

डीटीसी ने कराया करोडो का कालाधन सफ़ेद ,एसीबी करेगी जांच

8 नवम्बर को नोट बंदी की घोषणा के बाद 19 नवम्बर तक डीटीसी के अलग अलग डिपो से बैंको में 8 करोड़ रुपये से ज्यादा के पुराने नोट बैंको में जमा करवाये गए .डीटीसी ने 9 नवम्बर को आदेश जारी किया था कि डीटीसी बसों में 500 और 1000 के बंद हुए नोट नही लिए जाएंगे .

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि डीटीसी के डिपो से 8 ,14 , 85 ,500 रुपये के पुराने नोट जमा करवाये गए . कई डिपो तो ऐसे है ,जहाँ पर 19 नवम्बर तक 99 %रुपये 500 और 1000 के नोट के रूप में जमा करवाये गए .
परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि उन्हें 19 नवम्बर को जान सुनवाई दौरान इसकी शिकायत मिली थी . इसके बाद उन्होंने डीटीसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर को इस मामले कि जांच कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा था . 22 नवम्बर को लिखित आदेश भी जारी किये गए .

शुरुआती जाँच में सामने आया कि नोटबंदी के बाद डीटीसी के डिपो से 1000 के 33 ,647 पुराने नोट बैंको में जमा करवाये गए . 500 के 95 ,677 पुराने नोट जमा करवाये गए .सबसे ज्यादा वेस्ट जोन के अलग अलग डिपो से पुराने नोट जमा करवाये गए है . वेस्ट जोन से 1000 के 16 ,593 और 500 के 43 ,636 पुराने नोट जमा करवाए गए . सत्येंद्र जैन ने बताया कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट कमिशनर को आदेश दिया है कि इस घोटाले की जांच एसीबी को सौंपी जाए ,और दोषी अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए .

उन्होंने कहा कि इस जांच के बाद यह कहा जा सकता है कि या तो पुराने नोट अधिकारियों कि रिश्वत का पैसा है ,या फिर कमीशन लेकर जमा करवाये गए है . जैन ने कहा कि यह आपराधिक मामला है ,क्योकि डीटीसी के आदेश के मुताबिक़ कंडक्टर ने बसों में किराए के रूप में 1000 और 500 के नोट नही लिए थे . कंडक्टर ने जब डीटीसी डिपो में पुराने नोट जमा नही करवाए तो फिर बैंकों में डीटीसी के नाम पर 500 और 1000 के नोट क्यों जमा करवाए गए है ? इसकी जांच होनी चाहिए कि यह पैसा किसका है ?

परिवहन मंत्री ने बताया कि कुछ डिपो से पुराने नोट जमा करवाने की कोई शिकायत नही आई है .

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