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मुझ पर सब गुस्साते है,गुस्सा झेलना मेरी नियति बन गई है :नितीश कुमार

 Alok Mishra |  2017-02-13T13:33:35+05:30  |  Patna

मुझ पर सब गुस्साते है,गुस्सा झेलना मेरी नियति बन गई है :नितीश कुमार

कहते हैं सियासत में कुर्सी का मोह खतरे से खाली नहीं होता. लालू जैसे मझे हुए सियासतदान से बेहतर ये बात भला कौन जानता है. इसके बावजूद रविवार की शाम उन्हें मंच पर फजीहत उठानी पड़ी.

मौका था ब्रह्मकुमारी संस्था द्वारा आयोजित एक आध्यात्मिक कार्यक्रम का. इस कार्यक्रम में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव भी आए थे. उन्हें मंच पर बैठने के लिए कहा गया. लालू यादव ने आव देखा ना ताव, सीधे मुख्यमंत्री नीतीश के लिए पहले से सुरक्षित कुर्सी पर बैठ गए. फिर क्या कार्यक्रम को संचालन कर रही एक कार्यकर्ता ने उन्हें वहां से उठने को कहा. लालू भी तुरंत उठ गए और बगल की कुर्सी पर बैठ गए. हाल ही में पटना के प्रकाश पर्व पर भी उन्हें ज़मीन पर बैठाया गया था. यह मुद्दा काफी गरमाया था.

सीएमनीतीश कुमार ने कहा कि गुस्सा झेलना मेरी नियति बन गई है. मैं इसका आदी हो गया हूं. मुझ पर सब गुस्साते हैं. सामने वाले, अगल-बगल वाले. पर मैं विचलित नहीं होता. वे रविवार को यहां प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि के समारोह को संबोधित कर रहे थे. बोले-सबको मालूम है कि कफन में जेब नहीं होती, फिर भी लोग किसलिए इतना पैसा बनाते हैं?

मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने कहा कि हर किसी को अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहिए, यह शाश्वत सत्य है. किसी चीज से परेशान नहीं होना चाहिए. अगर धैर्य ना हो तो कोई काम नहीं हो सकता. लोकतंत्र बगैर डिबेट डॉयलाग के चल ही नहीं सकता. लेकिन डिबेट डॉयलाग का एक स्तर होना चाहिए. लोगों को सार्वजनिक जीवन में वाक युद्ध का स्तर इम्प्रूव करना चाहिए.

नीतीश ने शिवानी बहन की बातों और उनकी संस्था के अभियान का समर्थन किया. कहा-अच्छे उद्देश्य के लिए मार्ग भी उत्तम होना चाहिए. बिहार के लोगों ने इनकी बातों का कुछ भी अंश अपना लिया, तो वे समाज बदल सकते हैं. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने शिवानी बहन की तारीफ की. कहा कि इस तरह के सकारात्मक आयोजन समय-समय पर होते रहना चाहिए.






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