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अपना दल का बीजेपी में विलय की कोशिशें फेल, विलय पर अड़ी अनुप्रिया

 Special Coverage news |  2016-07-04 09:45:16.0  |  वाराणसी

अपना दल का बीजेपी में विलय की कोशिशें फेल, विलय पर अड़ी अनुप्रिया

वाराणसी: अपना दल और भाजपा एनडीए के गठबंधन के तौर पर उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने कहा है कि अनुप्रिया पटेल की पार्टी गठबंधन का हिस्सा है,यह गठबंधन ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी करेगा।

गौरतलब है कि मोदी कैबिनेट के विस्तार के दौरान अपना दल के भाजपा में विलय की ख़बरें लगातार आ रही थी। सूत्रों की मने तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अनुप्रिया की पार्टी के भाजपा में विलय की बहुत कोशिशें की थी।

लेकिन अनुप्रिया विलय न करने पर अड़ी रही हाँलाकि यह भी सच है कि पार्टी पर वर्चस्व को लेकर अनुप्रिया और उनकी माँ से लम्बे समय से विवाद चल रहा है अगर अनुप्रिया अपने साथियों के साथ भाजपा में शामिल हो भी जाती है तो उनकी माँ उनके विरुद्ध ही खड़ी रहेंगी ।

हांलाकि चर्चा इस बात की भी है कि अभी भी भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुप्रिया को विलय के लिया समझाने की कोशिशें कर रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि भाजपा चाहती थी कि अनुप्रिया प्रटेल अपना दल का भाजपा में विलय कर दें,इसको लेकर उन पर दबाव भी था। लेकिन मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं हुई।

गौरतलब है कि अनुप्रिया ने अपने पिता सोनेलाल पटेल की बनाई पार्टी अपना दल से राजनीति की शुरुआत की थी,इस पार्टी की प्रदेश की कुर्मी जाति के वोटरों में उनकी गहरी पैठ है। उत्तर प्रदेश में कुर्मियों के लगभग 8 फीसदी वोट हैं। चुनाव के दौरान लगभग 50 सीटों पर कुर्मी मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते आये हैं।

यूपी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी की निगाह पिछड़ों के वोट बैंक पर हैं यादव वोटों को छोड़कर जो समाजवादी पार्टी के पक्ष में जाते रहे हैं अन्य पिछड़े वर्ग के वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

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