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मुस्लिम महिला वोटों को लेकर PM मोदी और CM नीतीश में मची है जंग, जानिए जरुर कैसे?

 Special Coverage News |  27 Oct 2016 8:19 AM GMT  |  New Delhi

मुस्लिम महिला वोटों को लेकर PM मोदी और CM नीतीश में मची है जंग, जानिए जरुर कैसे?

शेखपुरा.ललन कुमार: इन दिनों मुस्लिम महिला वोटरों को लेकर राजनीति गर्म है। कोई तीन तलाक के नाम पर मुस्लिम महिला वोटरों को अपने पक्ष में करना चाहता है तो कोई शराबबंदी के नाम पर महिला वोटरों को अपने पक्ष में करना चाहता है।

सीपीआई के जिला सचिव प्रभात कुमार ने कहा कि तलाक और शराबबंदी के नामपर वोटों की छीना झपटी हो रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुस्लिम समाज में तीन तलाक जैसे फैले कुरीतियों पर हमारे पीएम नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समाज की महिलाओं को बुनियादी अधिकार देने और उसके जीवन शैली में बदलाव करने की बात कह अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। वे मुस्लिम समाज में महिलाओं पर तीन तलाक के नाम हो रहे अत्याचार को भारतीय संविधान उलंघन बता कर मुस्लिम महिलाओं के वोटों में सेंधमारी कर रहे हैं।


जबकि तीन तलाक के मामले में दायर याचिका को लेकर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से जबाब तलब भी किया है, इसी को लेकर पीएम मोदी मुस्लिम महिला वोटरों को भुनाने में लगे हैं। जो नही होना चाहिए। वहीँ दूसरी ओर प्रभात ने कहा कि बिहार के मुख्य मंत्री ने भी बिहार में शराबबंदी के नाम पर महिला वोटरों को अपने पक्ष में करने को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोडा हैं। बिहार की ग्रामीण महिलाएं हो या शहरी क्षेत्र की महिलाएं अधिकांश महिलाएं अपने घर परिवार के लोगों द्वारा शराब सेवन किये जाने से नाखुश थी। शराब के चलते कई परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गए थे। नीतीश के शराबबंदी का उनकी पार्टी स्वागत करती है,लेकिन जिस तरह की राजनीति शराबबंदी के नाम पर नीतीश कुमार देश के अन्य हिस्सों में घूम घूमकर कर रहे हैं। वह केवल वोट की राजनीति है। नीतीश के शराबबंदी से वे महिलाएं प्रभावित हुई। वे कुछ हद तक महिला वोटरों को अपने पक्ष में करने में कामयाब भी हुए। अब नीतीश के पैटर्न पर भाजपा की नजर मुस्लिम महिला वोटरों पर है।


इसी लिए ऐसे संवेदनशील मामले को पीएम मोदी मुस्लिम महिलाओं की सहानुभूति वटोरने के लिए तीन तलाक वाले इस्लाम कानून को बदल कर उन्हें नया जीवन देने का पर्सनल लॉ बोर्ड से अनुरोध किया है नहीं तो इस पर समान नागरिक संहिता लागू किया जा सकता है। इस तरह यह देखा जा रहा है कि मुस्लिम महिला वोटरों की पीएम मोदी और नीतीश में छीनाझपटी चल रही है। जहां मोदी तीन तलाक पर अपनी राय खुल कर देश के मुसलमानों के बीच रखते नजर आ रहे हैं वहीं तीन तलाक मामले में नीतीश कुमार ने मुस्लिम धर्म के लोंगों को अपने स्तर से जीने दीजिए कह कर पिंड छुड़ाते दिखे ताकि मुस्लिम वोटर उनसे खफ़ा न हो सके।

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