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अब क्या करें: आतंकी मारें तो नहीं मारे तो दिक्कत है ही, पर ये कांग्रेस और केजरीवाल कुछ करने दे तब ना

 Special Coverage News |  1 Nov 2016 7:13 AM GMT  |  New Delhi

अब क्या करें: आतंकी मारें तो नहीं मारे तो दिक्कत है ही, पर ये कांग्रेस और केजरीवाल कुछ करने दे तब ना

नई दिल्ली : देश में इस समय दो भयंकर समस्या खड़ी हो गई है. मोदी सरकार अगर आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाही करे तो परेशानी और ना करे तो परेशानी आखिर इस देश की जनता और राजनैतिक पार्टियों की दिली इक्षा क्या है एक बार बता दो कम से कम बखेड़ा तो ना खड़ा करो.


पठानकोट हमला हुआ मोदी सरकार नाकाम हो गई तुरंत नाकामी का सर्टिफिकेट इश्यु हो गया, उसके बाद उरी हमला हुआ डवल नाकामी हो गई और बड़ा ख़िताब दे डाला. फिर सर्जिकल स्ट्राइक हुई फिर तो लोग सबूत मांगने लगे आखिर क्या चाहते हो देशवाशियो एक बार बात कर लो.


अब फिर चेनल पर डिबेट चालू है कल से 8 सिमी आतंकी मारे गये. ये पूंछने का अधिकार सबको है कि कैसे मारे गये और क्यों मारे गये. लेकिन कोई ये कहने वाला नहीं कि ठीक मारे गये आतंकी घटना का समर्थन करने वाला हिन्दू हो या हो मुसलमान आतंकी सिर्फ आतंकी है. कल से इस बात पर कम से कम सरकार और पुलिस ने 5 बार बयान में अंतर है जो कि घटना पर संदेह बनाता है. अब इस प्रकरण पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है कि मामले की पूरी जाँच कर 15 दिन में दिखाओ कि किस तरह इनकाउंटर हुआ.

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