Top
Home > Archived > शायर राणा बोले, 5-10 पुलिसवाले ना मरें तो एनकाउंटर कैसा, रोज मरने वाले सैनिकों पर बोलेंगे कभी!

शायर राणा बोले, 5-10 पुलिसवाले ना मरें तो एनकाउंटर कैसा, रोज मरने वाले सैनिकों पर बोलेंगे कभी!

 Special Coverage News |  4 Nov 2016 4:41 AM GMT  |  New Delhi

शायर राणा बोले, 5-10 पुलिसवाले ना मरें तो एनकाउंटर कैसा, रोज मरने वाले सैनिकों पर बोलेंगे कभी!

नई दिल्ली

देश के मशहूर शायर मुनव्‍वर राणा ने भोपाल में सिमी के संदिग्‍ध आतंकियों के एनकाउंटर को फर्जी बताया है। वाराणसी में एक कार्यक्रम के बाद उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि एनकाउंटर में जब तक 5-10 पुलिसवाले और 15-20 लोग ना मारे जाए, तब तक एनकाउंटर कैसा? पहले भी इस तरह के एनकाउंटर होते रहे हैं। मुनव्‍वर राणा ने कहा कि आजकल लोगों की मांग पर एनकाउंटर होने लगे हैं। लोगों की मर्जी से फांसी दे दी जाती है। किसी की जेब से ऊर्दू में लिखा खत मिल जाता है तो उसे आतंकी करार दे दिया जाता है। यह सब राजनेताओं को खुश करने के लिए किया जाता है।


गौरतलब है कि मुनव्‍वर राणा का यह बयान भोपाल में जेल तोड़कर भागे सिमी के आठ संदिग्‍ध आतंकियों के एनकाउंटर के संबंध में था।मुनव्‍वर राणा ने पिछले साल असहिष्‍णुता के मुद्दे पर अवार्ड भी लौटा दिया था। इस बारे में उन्‍होंने कहा कि देश में अभी भी यह माहौल है।


राणा ने अपने पाकिस्‍तान दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वहां पर कार्यक्रम के दौरान उनका नंबर अलसुबह आया। उस समय अजान शुरू हो गई। इस पर उन्‍होंने अजान के चलते बोलने से मना कर दिया। दूसरे दिन मीडिया में यह खबर बनी। वहां अखबार में लिखा गया कि भारतीय कलाकार ने पाकिस्‍तान को तहजीब सिखाई। अवार्ड वापस करने पर उन्‍होंने कहा कि वे अपनी बात पर कायम हैं। वे अब कभी भी भविष्‍य में सरकारी सम्‍मान नहीं लेंगे। मुनव्‍वर राणा ने कहा कि सेना को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्जिकल स्‍ट्राइक को कुछ ज्‍यादा ही आगे बढ़ा रहे हैं। सेना काम करना जानती है। इस पर राजनीति करने की जरुरत नहीं है।


राणा ने पाकिस्‍तानी कलाकारों के भारत में काम करने की भी पैरवी की। उन्‍होंने कहा कि कलाकारों के काम करने में कोई बुराई नहीं है। फिल्‍मों के साथ ही हॉकी और क्रिकेट के मैच भी होने चाहिए। कश्‍मीर के मुद्दे पर उन्‍होंने कहा कि बातचीत से ही इस समस्‍या का हल निकल सकता है। बंदूक के साये में कोई मसला हल नहीं होता।


उ त्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव पर चुटकी लेते हुए कहा मुनव्‍व्‍र राणा ने कहा, "अखिलेश यादव को अपने पिता और चाचा का आशीर्वाद लेना चाहिए। जो अपने बाप और चाचा का नहीं हुआ, वो प्रदेश का क्या होगा।"

आपको बता दें कि धर्म और जातीयता का मसला अब भारत में बुरी तरह हावी हो चूका है. कभी कोई हिन्दू या मुस्लिम नेता सेना के शहीद होने वाले हिन्दू जवानों पर अपना मुंह क्यों नहीं खोलता. क्या देश का नेता मुस्लिम वोट से इतना डरता है.

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story

नवीनतम

Share it