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कैलाश सत्‍यार्थी के घर से चोरी हुआ नोबेल पुरस्‍कार बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

 Arun Mishra |  12 Feb 2017 6:44 AM GMT  |  नई दिल्‍ली

कैलाश सत्‍यार्थी के घर से चोरी हुआ नोबेल पुरस्‍कार बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्‍ली: नोबेल पुरस्‍कार विजेता कैलाश सत्‍यार्थी के घर चोरी के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया व उनसे नोबेल पुरस्‍कार की रेप्लिका भी बरामद हो गई है। पुलिस ने चुराई गई ज्वैलरी और बाकी सामान भी बरामद कर लिया।

बता दें कि सत्यार्थी के कालकाजी इलाके में बने अरावली अपार्टमेंट में यह चोरी 7 फरवरी को हुई थी। उस दौरान दूसरे सामान के साथ चोर नोबेल पुरस्कार की रेप्लिका भी ले गए थे। नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद कैलाश ने ओरिजनल पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में जमा कर दिया था। उनका कहना था कि वह इसे देश के नाम समर्पित कर रहे हैं जबकि अवार्ड में मिली रेप्लिका वह अपने घर ले आए थे। जब यह घटना घटी उस वक्‍त कैलाश फिलहाल एक कार्यकम में हिस्सा लेने के लिए लैटिन अमेरिका के बोगोटा शहर गए हैं।

उनके एनजीओ से जुड़े लोगों के मुताबिक, कैलाश को सुरक्षा देनी चाहिए, अगर घर पर सुरक्षा होती तो यह घटना न होती। बदमाश ताला तोड़कर उनके घर में घुसे। ज्वैलरी, कैश, नोबेल प्राइज का सर्टिफिकेट और रेप्लिका ले गए थे। सत्यार्थी ने अमेरिका से लौटते ही चोर से अपील की थी कि वह उनके अवार्ड लौटा दें। कैलाश सत्यार्थी का कहना है जो अवॉर्ड चोरी हुआ है वो केवल उन्हें मिला अवार्ड नहीं है बल्कि देश की धरोहर है, जिन लोगों ने चोरी किया है वो भी देश के ही नागरिक हैं, ऐसे में यह जिम्मेदारी सबकी है कि अवार्ड वापस आएं।

मध्य प्रदेश के विदिशा में 11 जनवरी 1954 को पैदा हुए कैलाश सत्यार्थी "बचपन बचाओ आंदोलन" एनजीओ चलाते हैं। उन्हें बच्चों की बेहतरी के लिए काम करने पर 2014 में शांति का नोबेल प्राइज मिला। उन्हें पाकिस्तान की मलाला युसुफजई के साथ साझा अवॉर्ड दिया गया था। पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर रहे सत्यार्थी ने 26 साल की उम्र में ही करियर छोड़कर बच्चों के लिए काम करना शुरू कर दिया था।

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