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मौलाना मदनी का ऐलान, जिस घर में शौचालय नहीं, वहां निकाह पढ़ने न जाएं मुफ्ती

 Arun Mishra |  19 Feb 2017 11:58 AM GMT  |  गुवाहाटी

मौलाना मदनी का ऐलान, जिस घर में शौचालय नहीं, वहां निकाह पढ़ने न जाएं मुफ्तीमौलाना महमूद ए मदनी (फाइल फोटो)

गुवाहाटी : जमीयत उलमा ए हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद ए मदनी ने ऐलान किया है, जिस घर में शौचालय नहीं, वहां निकाह पढ़ने न जाएं मुफ्ती। मदनी ने कहा कि तीन राज्यों में शौचालय की शर्त को मुसलमानों की शादी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है और इसे जल्द ही देश के अन्य सभी राज्यों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के मौलवियों तथा मुफ्तियों ने फैसला किया है कि वे ऐसे मुस्लिम लड़कों का निकाह नहीं कराएंगे जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं।

पूर्व राज्यसभा सदस्य मदनी ने यह बात पिछले हफ्ते यहां असम कॉन्फ्रेंस ऑफ सैनिटेशन (ASCOSAN) 2017 के खानापाड़ा में स्वच्छता पर आयोजित असम सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि देशभर में सभी धर्मों के धार्मिक नेताओं को फैसला करना चाहिए कि वे उन लड़कों की शादी नहीं कराएंगे जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि वे शौचालयों का इस्तेमाल करें और न सिर्फ असम को, बल्कि समूचे देश को स्वच्छ बनाएं।

मदनी ने कहा, मुझे लगता है कि देश में सभी धर्म के लीडर्स को यह फैसला करना चाहिए कि वे उस घर में कोई भी धार्मिक रस्मो-रिवाज नहीं करेंगे जहां टॉयलेट नहीं होगा।मदनी ने साफ-सफाई पर जोर देते हुए लोगों से टॉयलेट इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश को स्वच्छ बनाएं। उन्होंने कहा, सफाई 2 तरह की होती है, एक बाहरी और दूसरी भीतर की। अगर हमारा शरीर साफ रहेगा तो ही हम अपने भीतर की सफाई कर सकेंगे।

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