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नोटबंदी पर मोदी की जिद पड़ेगी सब पर भारी, ग्रहों के अनुसार

 शिव कुमार मिश्र |  21 Nov 2016 7:11 AM GMT  |  New Delhi

नोटबंदी पर मोदी की जिद पड़ेगी सब पर भारी, ग्रहों के अनुसार

नोटबंदी के हालात में क्या कहती है मोदी भा.ज.पा और भारत की कुंडली :नरेंद्र मोदी : नरेंद्र मोदी इस समय 5 अक्तूबर से चंद्र मे बुध की विनषोत्तरी दशा में हैं 06 मार्च 2018 तक ! अब देखिए बुध और बृहस्पति ही मुद्रा और बैंकिंग के कारक हैं ! बुध का संबंध मुद्रा या पैसे से है और बुध का संबंध Accountancy और व्यापार से भीहै ! व्यापार व्यवसाय के लिए बुध ग्रह और सातवें भाव को देखिए (महत्वपूर्ण)! वहीं बृहस्पति का संबंध वित्त से है प्रबंधन (मैनजमेंट) से है और बैंकिंग से है ! तो वर्तमान प्रकरण अर्थात 08 नवंबर के रात के 12 बजे और 09 के सुबह 00:00 बजे से भारत एकनये समय में प्रवेश कर गया और पूरा देश या तो खीझा है या दार्शनिक हो गया है या खीझकर दार्शनिक बन गया है ! ध्यान रहे बृहस्पति दर्शन शास्त्र भी है और मनोविज्ञान भी है ! बृहस्पति ज्ञान है जबकि बुध बुद्धि(Wisdome) है जबकि बृहस्पति महजग्यान है ! बृहस्पति मोदी के पाँचवें भाव में स्थित राहु के उपर से गोचर कर रहा है ! अब ज़्यादा समझने की आवश्यकता नही है !


अब पुनः आते हैं नरेंद्र मोदी की कुंडली पर !08 नवंबर 16 की रात 08 बजे जब प्रधानमंत्री पुराने नोटों के बंदी की घोषणा कर रहे थे तब वे चंद्र - बुधबुधचंद्रबुध की पाँच स्तरीय दशा में चल रहे थे ! चंद्र मन का कारक है ! बुधबुद्धि है ! मोदी जी का चंद्रभाग्येश होते हुए भी नीच का है लग्न में लग्नेश मंगल के साथ ! उनका यह सारा निर्णय चंद्र मंगल और बुध के प्रभाव में हुआ ! सारा निर्णय भावना (चंद्र) से ईमानदारीपूर्वक सख्ती (मंगल) से लिया गया पर बुध की वजह से उसमें जल्दबाज़ी सॉफ दिखी सभीको , चाहे वे समर्थक हों या विरोधीपर लग्न का स्वामी मंगल लग्न में ही है और भाग्येश चंद्र के साथ और वह भी स्वग्रही ! यही उनका सबसे बड़ा राजयोग है ! चंद्र की दशा में मंगल का भी असर रहेगा ! अब मंगल इस समय तीसरे पराक्रम के भाव और शनि की राशि में है और गोचर में शनिमंगल की राशि में है ! अर्थात सख़्त और ज़िद से भरे निर्णय पर निर्णय ना बदलने वाले और बुद्धिमत्तापूर्ण !


बताने की ज़रूरत नहीं की प्रधानमंत्री जी गंभीर साढ़ेसाती के दौर से गुज़र रहे हैं ! आम तौर पर नेताओं को साढ़ेसती सूट करती है पर जब दशाअंतरदशा चंद्र या शनि की हो तो कुछ ना कुछ विपरीत हो सकता है ! जन्मकालीन चंद्र पर तो शनि गुज़र ही रहा है साढ़ेसाती में पर यही शनि जन्मकालीन मंगल के ऊपर से भी गुज़र रहा है ! अर्थात मिजाज़ 26 जनवरी तक कड़क ही रहेगा ! 26 जनवरी2017 के बाद व्यवहार में शालीनता ज़्यादा होगी !

भारत : भारत की कुंडली में पराक्रमेश चंद्र में सप्तमेश और द्वादशेश मंगल की दशा चल रही है ! सप्तम भाव मेदिनी ज्योतिष् में जनता का भाव होता है ! अर्थात जनवरी तक उहापोह बनी रहेगी ! वैसे 24 नवंबर से 6 दिसंबर तक का कालखंड थोड़ासंवेदनशील है !

Astrosushilworld का लेख

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